Ram Mandir Donation Row: 'बड़े नामों को बचाने के लिए बनी SIT, यह सिर्फ दिखावा'- अयोध्या रवाना होने से पहले अरविंद केजरीवाल का बड़ा हमला
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल पर गंभीर सवाल उठाए हैं. लखनऊ पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि बिना एफआईआर दर्ज किए एसआईटी का गठन सिर्फ जनता को धोखा देने और बड़े लोगों को बचाने का एक प्रयास है.
लखनऊ/अयोध्या: अयोध्या (Ayodhya Shri Ram Mandir) के श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है. आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गुरुवार, 25 जून 2026 को लखनऊ (Lucknow) पहुंचने पर उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradeh Government) द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की कानूनी वैधता पर तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने इस जांच को केवल एक "दिखावा" और जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास बताया. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में अब तक कोई एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई है, जिससे साफ होता है कि यह एसआईटी केवल "बड़े नामों" को बचाने के लिए बनाई गई है. केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या में राम लला और हनुमानगढ़ी के दर्शन करेंगे. यह भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर दान विवाद के बीच 19 जून को अयोध्या जाएंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, एसआईटी जांच जारी
बिना एफआईआर के एसआईटी का गठन गैर-कानूनी: केजरीवाल
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए राज्य सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, "क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (CrPC) में यह साफ तौर पर दर्ज है कि किसी भी मामले में एसआईटी का गठन एफआईआर दर्ज होने के बाद ही किया जा सकता है. मैं पूछना चाहता हूं कि यह एसआईटी किस कानून के तहत बनाई गई है? जब कोई एफआईआर ही नहीं है, तो इस टीम के पास कानूनी तौर पर छापेमारी करने, किसी को समन भेजने या गिरफ्तारी करने की कोई शक्ति ही नहीं है."
उन्होंने आगे कहा कि जब आम तौर पर ₹100 की चोरी होने पर भी पुलिस एफआईआर दर्ज करती है, तो इतने बड़े घोटाले में, जहां करोड़ों रुपये के गबन की बात सामने आ रही है और कुछ रकम बरामद भी हो चुकी है, तब भी मुख्य मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया? केजरीवाल ने दावा किया कि एसआईटी केवल छोटे कर्मचारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं से पूछताछ कर मामले को रफा-दफा करना चाहती है, जबकि इतने लंबे समय तक चलने वाली इतनी बड़ी चोरी बिना किसी प्रभावशाली और रसूखदार व्यक्ति के संरक्षण के संभव नहीं है.
"₹200 करोड़ नकद और हीरे-जवाहरात चोरी होने से करोड़ों हिंदू आहत"
चोरी के आरोपों की गंभीरता को रेखांकित करते हुए 'आप' प्रमुख ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जालसाजों ने भगवान राम के चरण पादुका, मालाएं, दीपक, आभूषण, हीरे, रत्न और यहां तक कि भक्तों द्वारा चढ़ाया गया नकद प्रसाद भी चुरा लिया है. उन्होंने दावा किया कि लगभग ₹200 करोड़ की नकदी और 200 किलोग्राम चांदी की चोरी होने की बातें सामने आ रही हैं.
अरविंद केजरीवाल ने भावुक होते हुए कहा, "इन खबरों को सुनकर मेरा दिल बहुत दुखी है. देश-विदेश के करोड़ों राम भक्त हैं जिनकी आस्था को इससे गहरा आघात लगा है. इसी व्यथा के कारण मैं अयोध्या जा रहा हूँ. कल (शुक्रवार) मैं राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में प्रार्थना करूँगा और वहां के संतों व पुजारियों से मुलाकात कर इस स्थिति पर विस्तृत चर्चा करूँगा."
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी की एफआईआर की मांग
इस बीच, राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के इस विवाद पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी है. गुरुवार को उन्होंने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत औपचारिक एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. वीएचपी अध्यक्ष ने इस बात पर जोर दिया कि भगवान राम के मंदिर में आने वाले चढ़ावे या दान में किसी भी तरह की हेराफेरी या विचलन सीधे तौर पर संपूर्ण हिंदू समुदाय की आस्था पर एक गहरी चोट है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
क्या है मामले की पृष्ठभूमि?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे ने राम मंदिर के दान से करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगाया था. इसके बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था. इस जांच दल ने हाल ही में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी है, जिसमें दान के पैसे की गिनती, सीसीटीवी (CCTV) निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और खामियों की बात सामने आई है। इस बीच, विपक्षी दलों ने मामले की जांच सीबीआई (CBI) या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग तेज कर दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 25, 2026 09:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

