Bengaluru: त्रिपुरा के युवक ने किया सुसाइड, दोस्तों के हमले में प्राइवेट पार्ट में आई थी गंभीर चोट; पिता न बन पाने के सदमे में लगाई फांसी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

बेंगुलरु: कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु के ईजीपुरा (Ejipura) इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां मूल रूप से त्रिपुरा (Tripura) के रहने वाले 27 वर्षीय एक युवक ने अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली. मृतक की पहचान तपन नाथ के रूप में हुई है, जो कोरामंगला स्थित एक क्राफ्ट बीयर और इंटरनेशनल बार में काम करता था. यह घटना रविवार, 12 जुलाई 2026 की रात को सामने आई. पुलिस की प्रारंभिक जांच और मृतक के परिजनों के बयानों के अनुसार, तपन पिछले कुछ महीनों से गहरे मानसिक अवसाद (Depression) से गुजर रहा था, जिसकी वजह कुछ समय पहले दोस्तों के साथ हुई एक हिंसक झड़प थी. यह भी पढ़ें: Karnataka Shocker: कर्नाटक में डबल मर्डर से सनसनी, पत्नी और साली का गला घोंटने के बाद सीधे थाने पहुंचा पति; खुद किया सरेंडर

रूममेट ने पंखे से लटकता देखा शव

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, तपन नाथ रविवार को अपनी ड्यूटी पर नहीं गया था. रविवार देर रात लगभग 11:30 बजे जब उसका रूममेट काम से वापस कमरे पर लौटा, तो उसने तपन के शव को छत के पंखे से लटकता हुआ पाया.

घटना की सूचना तुरंत स्थानीय विवेकनगर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से उतारा और उसे पोस्टमॉर्टम (Post-mortem) परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा. घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन परिजनों और दोस्तों ने तपन के इस आत्मघाती कदम के पीछे की एक बेहद गंभीर वजह का खुलासा किया है.

तीन-चार महीने पहले दोस्तों ने किया था जानलेवा हमला

तपन के भाई और दोस्तों ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि करीब तीन से चार महीने पहले तपन अपने कुछ परिचितों और दोस्तों के साथ एक पार्टी में गया था. वहां शराब के नशे में किसी बात को लेकर दोस्तों के बीच तीखी बहस हो गई.

यह बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और आरोप है कि इस दौरान दोस्तों ने तपन के प्राइवेट पार्ट (गुप्त अंग) पर सीधे और जोरदार प्रहार किए, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं. सामाजिक बदनामी और शर्मिंदगी के डर से तपन ने शुरुआत में इस घटना की जानकारी अपने परिवार को नहीं दी और एक निजी अस्पताल में अपना इलाज कराता रहा.

पिता न बन पाने की रिपोर्ट के बाद डिप्रेशन में था युवक

परिजनों का दावा है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने तपन को सूचित किया था कि हमले के कारण उसके अंदरूनी अंगों को पहुंची क्षति अपरिवर्तनीय (irreversible) है, जिसके कारण वह भविष्य में कभी पिता नहीं बन पाएगा. इस शारीरिक अक्षमता और मानसिक आघात की बात पता चलने के बाद से ही तपन पूरी तरह टूट चुका था. वह गुमसुम रहने लगा और गंभीर अवसाद का शिकार हो गया. परिवार का मानना है कि इसी मानसिक प्रताड़ना को न झेल पाने के कारण उसने मौत को गले लगा लिया.

विवेकनगर पुलिस ने दर्ज की UDR; इलाज करने वाले डॉक्टर से होगी पूछताछ

इस मामले में विवेकनगर पुलिस ने परिजनों की औपचारिक शिकायत के आधार पर अप्राकृतिक मृत्यु रिपोर्ट (UDR) दर्ज कर विस्तृत वैधानिक जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब इन आरोपों की सत्यता और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है.

मामले की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया:

"तपन के दोस्तों और परिवार ने हमें उसकी इस चिकित्सीय स्थिति और पुराने झगड़े के बारे में बताया है, लेकिन अभी हमारे पास इसका कोई लिखित साक्ष्य नहीं है. असल वजहों का पता लगाने के लिए हमें उस डॉक्टर और अस्पताल से संपर्क करना होगा जहां तपन का इलाज चल रहा था. इसके साथ ही, उस कथित मारपीट के दौरान जो लोग वहां मौजूद थे, उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा."

पुलिस तपन के मेडिकल रिकॉर्ड्स खंगालने की तैयारी कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि डॉक्टरों की वास्तविक राय क्या थी. फिलहाल, पुलिस हर कोण से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है.