Rajasthan News: राजस्थान के मकराना में कुदरत का कहर, भारी बारिश के बाद अचानक धरती में समा गईं संगमरमर की एक दर्जन खदानें; VIDEO
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के प्रसिद्ध मकराना खनन क्षेत्र की कालानाडा रेंज से एक बेहद भयानक दृश्य सामने आया है. क्षेत्र में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के बाद संगमरमर (मार्बल) की करीब 12 (एक दर्जन) खदानें अचानक ढहकर खड्ड में समा गईं
Rajasthan News: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के प्रसिद्ध मकराना खनन क्षेत्र की कालानाडा रेंज से एक बेहद भयानक दृश्य सामने आया है. क्षेत्र में लगातार हो रही भारी मानसूनी बारिश के बाद संगमरमर (मार्बल) की करीब 12 (एक दर्जन) खदानें अचानक ढहकर खड्ड में समा गईं. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विशाल चट्टानें और खदान के किनारे ताश के पत्तों की तरह ढहते नजर आ रहे हैं.
हालांकि, सबसे राहत की बात यह रही कि जिन खदानों में यह भूस्खलन हुआ, उनमें लंबे समय से खनन कार्य बंद पड़ा हुआ था. हादसे के समय आसपास कोई मजदूर या वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि होने से टल गई.
मकराना में कुदरत का कहर
सड़क का बड़ा हिस्सा भी खदान में समाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मकराना की कालानाडा रेंज में बारिश का पानी भरने और मिट्टी के कटाव के कारण खदानों की दीवारें कमजोर हो गई थीं. इसके बाद एक-एक करके करीब एक दर्जन खदानें जमींदोज हो गईं. इस बड़े भूस्खलन की वजह से पास से गुजर रहे जाखली मार्ग का भी एक बड़ा हिस्सा ढहकर खदान के गहरे गड्ढे में गिर गया.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और खनन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रभावित इलाके की नाकेबंदी कर दी.
लंबे समय से बंद थीं खदानें
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद पुष्टि की कि प्रभावित खदानों में काम बंद था. यदि यह हादसा कार्य घंटों के दौरान या चालू खदानों में होता, तो कई मजदूरों की जान जोखिम में पड़ सकती थी.
सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के कारण जाखली मार्ग पर आवाजाही को एहतियातन रोक दिया गया है और यातायात को दूसरे रास्तों की तरफ डायवर्ट कर दिया गया है.
खदान सुरक्षा और जियोलॉजिकल सर्वे पर उठे सवाल
विश्व प्रसिद्ध मकराना मार्बल क्षेत्र में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में खदानों के ढहने की घटना ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिरता और खनन सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार बारिश के कारण पुरानी और बंद पड़ी खदानों में पानी भरने से आसपास की जमीन धंसने का खतरा बना हुआ है.
खनन विभाग अब आसपास की अन्य खदानों की सुरक्षा जांच कर रहा है ताकि भविष्य में किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके.