Priyanka Gandhi Remarks Expunged: प्रियंका गांधी के विवादित बयान को सदन की कार्यवाही से हटाया गया, प्रल्हाद जोशी पर टिप्पणी बनी हंगामे की वजह
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार युवाओं का भरोसा जीतना चाहती है, तो कैमरे का नहीं बल्कि अपने दृष्टिकोण का बदलाव जरूरी है. वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सख्त कानूनी सुधार किए जा रहे हैं.
Priyanka Gandhi Remarks Expunged: लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया. सत्ता पक्ष के जोरदार विरोध और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की आपत्ति के बाद पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा के नियमों के तहत टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया. PM Modi's Facebook Video Restored: पीएम मोदी का फेसबुक वीडियो हुआ रीस्टोर, मेटा ने 'तकनीकी त्रुटि' को बताया हटाने की वजह
क्या कहा था प्रियंका गांधी ने?
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने NEET-UG पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्रालय में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
उन्होंने प्रल्हाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि सरकार ने ऐसे व्यक्ति को यह जिम्मेदारी सौंपी है, जिसने अतीत में बिलकिस बानो मामले के दोषियों की रिहाई का समर्थन किया था. उनके इस बयान के बाद लोकसभा में सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध किया.
क्यों हटाई गई टिप्पणी?
प्रियंका गांधी के बयान के तुरंत बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे "चरित्र हनन" बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि किसी केंद्रीय मंत्री के खिलाफ बिना प्रमाण इस तरह के व्यक्तिगत आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है. रिजिजू ने अध्यक्ष से विवादित टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाने की मांग की और कहा कि ऐसी भाषा सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है. वहीं, प्रल्हाद जोशी ने भी आरोपों को खारिज करते हुए प्रियंका गांधी से अपने दावों के समर्थन में प्रमाण देने या माफी मांगने की बात कही.
लोकसभा के नियम के तहत हुई कार्रवाई
लोकसभा की कार्यवाही एवं संचालन नियमावली के नियम 380 के तहत पीठासीन अधिकारी को ऐसे शब्द या टिप्पणियां रिकॉर्ड से हटाने का अधिकार है, जिन्हें मानहानिकारक, असंसदीय या सदन की गरिमा के प्रतिकूल माना जाए. इसी प्रावधान के तहत प्रियंका गांधी के विवादित बयान को आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दिया गया.
NEET विवाद और शिक्षा मंत्री में बदलाव की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद NEET-UG पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बीच सामने आया है. छात्रों के विरोध और राजनीतिक दबाव के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी.
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
लोकसभा में अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार युवाओं का भरोसा जीतना चाहती है, तो कैमरे का नहीं बल्कि अपने दृष्टिकोण का बदलाव जरूरी है. वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सख्त कानूनी सुधार किए जा रहे हैं, जबकि विपक्ष का आरोप है कि केवल मंत्री बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा.