PM Modi Goa Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गोवा पहुंचकर श्रीयुत गोकर्ण पार्टगली जीवोत्थम मठ के 550वें स्थापना वर्ष के मौके पर 77 फुट ऊंची भगवान राम की विशाल कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया. इस खास अवसर पर मठ परिसर में रामायण थीम पार्क गार्डन भी आम लोगों के लिए खोला गया. कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु और संत मौजूद रहे.
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77 फुट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण
#WATCH | Goa | Prime Minister Narendra Modi unveiled a 77-foot statue of Lord Ram made up of bronze at Shree Samsthan Gokarn Partagali Jeevottam Math.
The Prime Minister is visiting the math on the occasion of ‘Sardha Panchashatamanotsava’, the 550th-year celebration of the… pic.twitter.com/LgSQEvASbc
— ANI (@ANI) November 28, 2025
रामायण थीम पार्क और विशेष डाक टिकट का लोकार्पण
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने प्रतिमा के साथ-साथ परिसर में बने रामायण थीम पार्क गार्डन का शुभारंभ किया. इसके अलावा एक स्मारक डाक टिकट और एक विशेष सिक्का भी जारी किया गया. प्रधानमंत्री ने मौके पर उपस्थित भक्तों और संतों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. कार्यक्रम के दौरान पूरा मठ उत्सव के रंग में डूबा नजर आया.
उडुपी में श्रीकृष्ण मठ में की पूजा और गीता पारायण में शामिल
गोवा रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के उडुपी स्थित श्रीकृष्ण मठ में दर्शन किए. उन्होंने वहां आयोजित लक्ष कंठ गीता पारायण में हिस्सा लिया, जिसमें लगभग एक लाख लोग शामिल थे. छात्र, संत और विद्वान मिलकर श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का समूह पाठ कर रहे थे. इसके साथ ही पीएम मोदी ने सुवर्ण तीर्थ मंटप का उद्घाटन किया और कनकाना कपाट के लिए बनाए गए कनक कवच को भी समर्पित किया. यह वही स्थान माना जाता है जहां संत कनकदास ने भगवान कृष्ण का दिव्य दर्शन किया था.
मठों की परंपरा और दार्शनिक धरोहर पर जोर
उडुपी का श्रीकृष्ण मठ लगभग 800 वर्ष पुराना है और दार्शनिक परंपरा के द्वैत वेदांत मत का प्रमुख केंद्र माना जाता है. वहीं गोवा का जीवोत्थम मठ गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय का पहला वैष्णव मठ माना जाता है, जिसकी स्थापना 13वीं सदी में हुई थी. पीएम मोदी ने दोनों जगहों पर भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की समृद्धि को देश की पहचान बताया और कहा कि ऐसे स्थान देश को एकता, श्रद्धा और संस्कारों से जोड़ते हैं.












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