Ram Navami 2025 Wishes: रामनवमी के पावन अवसर पर राष्ट्रपति, PM मोदी और गृहमंत्री ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं

रामनवमी के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृहमंत्री अमित शाह ने X पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. नेताओं ने श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया.

Ram Navami 2025: रामनवमी के पावन अवसर पर देश के शीर्ष नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भावपूर्ण संदेश साझा किए.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने क्या कहा?

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने पोस्ट में लिखा, "सभी देशवासियों को रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. यह त्योहार धर्म, न्याय और कर्तव्य-परायण होने का संदेश देता है. मर्यादापुरुषोत्तम प्रभु श्री राम ने मानव जाति के लिए त्याग, वचनबद्धता, समरसता और शौर्य के उच्च आदर्श प्रस्तुत किए हैं. उनके सुशासन यानी रामराज्य की अवधारणा को आदर्श माना जाता है. मेरी मंगलकामना है कि इस शुभ अवसर पर सभी देशवासी विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लें."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, "सभी देशवासियों को रामनवमी की ढेरों शुभकामनाएं. प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव का यह पावन-पुनीत अवसर आप सबके जीवन में नई चेतना और नया उत्साह लेकर आए, जो सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के संकल्प को निरंतर नई ऊर्जा प्रदान करे. जय श्रीराम!" प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट करता है बल्कि भारत के समग्र विकास के प्रति उनके संकल्प को भी दर्शाता है.

गृहमंत्री अमित शाह का संक्षिप्त लेकिन भावपूर्ण संदेश

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा, "जय श्री राम! सभी रामभक्तों को रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ. प्रभु श्री राम का जीवन सत्य, सेवा और मानव मूल्यों के रक्षा की प्रेरणा देता है. प्रभु से सभी के स्वस्थ, सुदीर्घ और समृद्ध जीवन की कामना करता हूँ."

उनका यह संदेश प्रभु श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने और सामाजिक समरसता को बनाए रखने की प्रेरणा देता है.

रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और नैतिक प्रेरणा का स्रोत है. प्रभु श्रीराम का जीवन आदर्शों, मर्यादा और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है. इस अवसर पर देश के प्रमुख नेताओं ने अपने संदेशों के माध्यम से जनमानस को सच्चे अर्थों में "रामराज्य" की दिशा में अग्रसर होने का आह्वान किया है.

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