राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गर्मजोशी और आतिथ्य ने मेरे राष्ट्रपति भवन दौरे को खास बना दिया: सचिन तेंदुलकर
क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के "गर्मजोशी और आतिथ्य" के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि हर पल बेहद निजी लगा.
नई दिल्ली, 7 फरवरी : क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने राष्ट्रपति भवन की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के "गर्मजोशी और आतिथ्य" के लिए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि हर पल बेहद निजी लगा. तेंदुलकर ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की. राष्ट्रपति और तेंदुलकर ने अमृत उद्यान का भी दौरा किया. "राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक अतिथि विंग में अपने परिवार के साथ रहना एक सम्मान की बात है, जिसे हम हमेशा याद रखेंगे.''
"माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा दी गई गर्मजोशी और आतिथ्य ने इस यात्रा को खास बना दिया. सचिन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "डिनर पर दिल से की गई बातचीत से लेकर इतिहास से जुड़े गलियारों में घूमने तक, हर पल बेहद निजी लगा." यह भी पढ़ें : राज्यसभा: भाजपा सदस्य ने जंक फूड को हतोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त कर लगाने का दिया सुझाव
तेंदुलकर ने राष्ट्रपति भवन की पहल 'राष्ट्रपति भवन विमर्श सम्मेलन' के तहत एक संवादात्मक सत्र में हिस्सा लिया और एक क्रिकेटर के रूप में अपनी यात्रा के किस्सों के माध्यम से प्रेरणा के सिद्धांतों को साझा किया."विमर्श सम्मेलन का हिस्सा बनकर आभारी हूं, यह एक खूबसूरत पहल है जो सार्थक बातचीत को बढ़ावा देती है और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती है. उन्होंने कहा, "कुछ अनुभव हमेशा आपके साथ रहते हैं और यह उनमें से एक था."
इस सत्र में महत्वाकांक्षी खिलाड़ियों और विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने भाग लिया, उन्होंने टीम वर्क, दूसरों का ख्याल रखने, दूसरों की सफलता का जश्न मनाने, कड़ी मेहनत, मानसिक और शारीरिक मजबूती विकसित करने और जीवन निर्माण के कई अन्य पहलुओं के महत्व पर प्रकाश डाला.
पोस्ट के अंत में लिखा गया, "हर किसी को राष्ट्रपति भवन की भव्यता और विरासत को देखने के लिए वहां जाना चाहिए." हाल ही में सचिन को बीसीसीआई के लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया, जिसमें क्रिकेट के दिग्गज के असाधारण 24 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को मान्यता दी गई, जहां व्यक्तिगत उपलब्धियों और राष्ट्रीय जीत, चुनौतियों और जीत के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने बल्ले बल्कि पूरे देश की उम्मीदों को आगे बढ़ाया. इसने न केवल एक क्रिकेटर को बल्कि एक ऐसी घटना को मान्यता दी, जिसने भारतीय क्रिकेट को एक वैश्विक महाशक्ति में बदल दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 07, 2025 04:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

