Special Prayers for Rain: बारिश के लिए नवी मुंबई के नेरुल में मुस्लिम समुदाय ने अदा की विशेष नमाज 'नमाज़-ए-इस्तिसका', बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल; VIDEO
नवी मुंबई के नेरुल में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने यशवंतराव चव्हाण मैदान में 'नमाज़-ए-इस्तिसका' (बारिश की विशेष प्रार्थना) अदा की. मुंबई और आसपास के इलाकों में जारी उमस और मानसून में हो रही देरी के बीच अच्छी बारिश के लिए यह सामूहिक प्रार्थना आयोजित की गई.
Special Prayers for Rain: नवी मुंबई के नेरुल इलाके से एक विशेष सामाजिक और धार्मिक आयोजन की खबर सामने आई है. यहां के यशवंतराव चव्हाण मैदान में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों ने एकत्रित होकर 'नमाज़-ए-इस्तिसका' (Istisqa Namaz) यानी बारिश की विशेष नमाज़ अदा की. मुंबई और आसपास के उपनगरों में पिछले कुछ समय से जारी उमस भरी गर्मी और मानसून की सुस्त रफ्तार के बीच इस विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था. चिलचिलाती धूप में खुले मैदान में आयोजित इस नमाज़ का एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रहा है.
क्या है 'नमाज़-ए-इस्तिसका' और क्यों की जाती है?
इस्लामी परंपराओं के अनुसार, 'नमाज़-ए-इस्तिसका' एक विशेष सुन्नत नमाज़ है जो सूखे की स्थिति, पानी की कमी या बारिश में अत्यधिक देरी होने पर अल्लाह से पानी और अच्छी वर्षा की दुआ करने के लिए खुले मैदान में सामूहिक रूप से अदा की जाती है. यह भी पढ़े: Tamil Nadu Weather Forecast: तमिलनाडु में मौसम का मिजाज बदला: 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, राज्य में हफ्ते भर जारी रहेगा मानसूनी दौर
बारिश के लिए विशेष दुआ
आयोजकों ने बताया कि जून का महीना आधा बीत जाने के बाद भी मुंबई और नवी मुंबई के इलाकों में वैसी मानसूनी बारिश नहीं देखने को मिली है जिसकी उम्मीद की जा रही थी. उमस और बढ़ते तापमान से आम जनजीवन बेहाल है, साथ ही किसानों और जलाशयों के जलस्तर को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं. इसी के मद्देनजर इस विशेष प्रार्थना का फैसला लिया गया.
यशवंतराव चव्हाण मैदान में उमड़ी भीड़
नेरुल स्थित यशवंतराव चव्हाण खेल मैदान में सुबह के समय इस नमाज़ का आयोजन किया गया था. इसमें स्थानीय मस्जिदों के धर्मगुरुओं की अगुवाई में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. नमाज़ के बाद मौलाना ने खुतबा (धार्मिक उपदेश) पढ़ा और देश में खुशहाली, अच्छी फसल और भीषण गर्मी से राहत के लिए सामूहिक रूप से विशेष दुआ मांगी गई.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मैदान में कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक नमाज़ अदा करते और दुआ में हाथ उठाए लोगों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है. लोग इस आयोजन को सांप्रदायिक सद्भाव और प्रकृति के प्रति मानवीय चिंता के एक सुंदर उदाहरण के रूप में देख रहे हैं.
मुंबई और कोंकण में मौसम का वर्तमान बैकग्राउंड
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, हालांकि मुंबई और कोंकण क्षेत्र में मानसून ने समय पर दस्तक दे दी थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से इसकी रफ्तार काफी धीमी बनी हुई है. इसके कारण तापमान के साथ-साथ उमस का स्तर (Humidity Level) काफी बढ़ गया है. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि आगामी 22 और 23 जून से अरब सागर में मौसम प्रणालियों के मजबूत होने के कारण मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के इलाकों में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है, जिससे नागरिकों को इस भीषण उमस से राहत मिलेगी.