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Who Will Be Next Vice President: कौन होगा देश का अगला उपराष्ट्रपति? BJP में मंथन तेज, जानें संभावित उम्मीदवारों के नाम

उपराष्ट्रपति चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवार को लेकर तेज़ तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी नेतृत्व ने संभावित नामों पर गहन मंथन करना शुरू कर दिया है.

Who Will Be Next Vice President: कौन होगा देश का अगला उपराष्ट्रपति? BJP में मंथन तेज, जानें संभावित उम्मीदवारों के नाम

Who Will Be Next Vice President: उपराष्ट्रपति चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने उम्मीदवार को लेकर तेज़ तैयारी शुरू कर दी है. पार्टी नेतृत्व ने संभावित नामों पर गहन मंथन करना शुरू कर दिया है. सूत्रों की मानें तो दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान चर्चा में हैं. इनके अलावा गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी संभावित दावेदारों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं.

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 RSS की विचारधारा वाले उम्मीदवार पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार, RSS विचारक शेषाद्रि चारी का नाम भी चर्चा में है. साथ ही राज्यसभा के मौजूदा उपसभापति हरिवंश को भी एक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, खासतौर पर बिहार विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए. हालांकि BJP नेताओं ने पहले ही साफ कर दिया था कि इस बार उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार उनकी पार्टी से होगा और पार्टी तथा RSS की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हुआ होगा.

पिछले एक महीने में कई राज्यपालों और उपराज्यपालों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है. इस वजह से राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर और तेज हो गया है.

धनखड़ ने 21 जुलाई को दिया था इस्तीफा

यह उपराष्ट्रपति चुनाव जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद हो रहा है. धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दिया था, लेकिन सूत्र बताते हैं कि असली वजह केंद्र और उनके बीच बनी अविश्वास की स्थिति थी. उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, लेकिन पिछले एक साल में सरकार और उपराष्ट्रपति के बीच मतभेद काफी बढ़ गए थे.

जानकारी के मुताबिक, धनखड़ कई मौकों पर सरकार को भरोसे में लिए बिना फैसले लेने लगे थे. मामला तब और गंभीर हो गया जब उन्होंने जस्टिस यशवंत वर्मा के महाभियोग पर सरकार की राय से अलग रुख अपनाया. इसी को उनके इस्तीफे की बड़ी वजह माना जा रहा है.

इन बातों का रखा जा रहा विशेष ध्यान

BJP इस बार किसी भी तरह की दोबारा गलती से बचना चाहती है. पार्टी चाहती है कि नया उपराष्ट्रपति ऐसा हो जो न सिर्फ संगठन की विचारधारा से पूरी तरह जुड़ा हो बल्कि सरकार के साथ बेहतर तालमेल भी बनाए. आखिरकार उपराष्ट्रपति को राज्यसभा की कार्यवाही संभालने और फैसले लेने की जिम्मेदारी होती है.

NDA ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को उम्मीदवार तय करने का अधिकार सौंप दिया है. अगले हफ्ते BJP अपने सहयोगियों के साथ एक बड़ी बैठक भी करने जा रही है, जिसे ताकत दिखाने का मौका माना जा रहा है. वैसे तो NDA के पास उपराष्ट्रपति चुनाव में बहुमत साफ तौर पर है, लेकिन पार्टी किसी भी स्तर पर जोखिम लेने के मूड में नहीं है.

मंगलवार को संसदीय दल की बैठक

संसदीय दल की बैठक मंगलवार को बुलाई गई है, जब मानसून सत्र का दूसरा चरण शुरू होगा. संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी खुद सांसदों को संबोधित करेंगे.

संविधान के मुताबिक, उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के वोट से होता है. राज्यसभा के नामित सदस्य भी वोट देने के हकदार होते हैं. मध्यावधि चुनाव की स्थिति में भी उपराष्ट्रपति को पूरे पांच साल का कार्यकाल मिलता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2025 04:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).