बंगाल में COVID गाइडलाइंस का पालन नहीं करने वाले नेताओं पर चलेगा चुनाव आयोग का चाबुक, शाम 7 से सुबह 10 बजे तक प्रचार अभियान बंद
पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चल रहे विधानसभा चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने सख्त कदम उठाये है. शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक के बाद आयोग ने चुनावी प्रचार के समय को शाम 7 बजे तक सीमित किया है.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West Bengal) में चल रहे विधानसभा चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग (Election Commission) ने सख्त कदम उठाये है. शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक के बाद आयोग ने चुनावी प्रचार के समय को शाम 7 बजे तक सीमित किया है. जबकि शाम 7 बजे से सुबह 10 बजे तक चुनाव प्रचार करने पर रोक लगा दी है. साथ ही पश्चिम बंगाल में शेष तीन चरणों में साइलेंस पीरियड की अवधि को 48 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया है. बंगाल में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी के लिये BJP जिम्मेदार : ममता बनर्जी
चुनाव आयोग ने कहा है कि उम्मीदवार और राजनीतिक दल पूरी तरह से कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करें. इसका उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, यहां तक की मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुसार आपराधिक कार्रवाई भी हो सकती है. चुनाव आयोग ने कहा कि सार्वजनिक सभाओं, रैलियों आदि के आयोजकों की जिम्मेदारी होगी कि वे इन सभाओं, रैलियों आदि में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उनकी लागत पर मास्क और सैनिटाइजर दें. इसे चुनाव प्रचार के लिए निर्धारित खर्च की सीमा में ही जोड़ा और माना जायेगा. आयोग ने भीड़ नियंत्रण उपायों को लागू करने के लिए कहा है.
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ रहे अलग-अलग दलों के कम से कम पांच उम्मीदवार कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को इस बारे में बताया. उन्होंने बताया कि संक्रमित पाए गए पांच उम्मीदवारों में से तीन तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के और एक-एक उम्मीदवार रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और बीजेपी के हैं.
मुर्शिदाबाद विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रत्याशी रिजाउल हक कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. गुरुवार को तड़के रिजाउल हक का निधन हो गया. बंगाल में चुनावी कार्यक्रम वैसा ही रहना चाहिए : वाम-मोर्चा ने कोविड पर सर्वदलीय बैठक में कहा
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) आरिज आफताब ने 16 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलायी. निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में सभी राजनीतिक दलों से बैठक के लिए केवल एक प्रतिनिधि भेजने को कहा गया था. राज्य के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जग मोहन और राज्य के स्वास्थ्य सचिव एन एस निगम भी बैठक में मौजूद थे. इससे पहले कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीईओ और राज्य में सभी जिलाधिकारियों को चुनाव के बाकी चार चरणों में प्रचार के दौरान कोविड-19 के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था.