Modi Cabinet 2.0: प्रकाश जावड़ेकर ने संभाला सूचना और प्रसारण मंत्रालय का जिम्मा, कहा- मीडिया की स्वतंत्रता लोकतंत्र का सार
जावडेकर ने कहा, ‘‘वह मीडिया के लिए बुरा वक्त था। हर दिन सेंसरशिप लागू थी और प्रेस की आजादी पूरी तरह खत्म कर दी गयी। जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, (लालकृष्ण) आडवाणी जी के नेतृत्व में हम इसके खिलाफ लड़े।’’
नयी दिल्ली. सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कांग्रेस शासन में आपातकाल के दौरान प्रेस की आजादी का गला घोंटे जाने की याद दिलाते हुए शुक्रवार को कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता लोकतंत्र का सार है । मंत्रालय का प्रभार संभालने के बाद मीडिया से बात करते हुए जावडेकर ने कहा कि सरकार प्रेस की आजादी को मानती ही नहीं बल्कि इसका पालन भी करती है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रेस की आजादी लोकतंत्र का सार है और हम इसे केवल मानते ही नहीं बल्कि इसका पालन भी करते हैं। आजाद भारत के इतिहास में केवल एक बार प्रेस की आजादी खत्म हुई और ऐसा 1975 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने आपातकाल के दौरान किया।’’
जावडेकर ने कहा, ‘‘वह मीडिया के लिए बुरा वक्त था। हर दिन सेंसरशिप लागू थी और प्रेस की आजादी पूरी तरह खत्म कर दी गयी। जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, (लालकृष्ण) आडवाणी जी के नेतृत्व में हम इसके खिलाफ लड़े।’’
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान नेता दो-तीन मुख्य मुद्दों पर लड़े और प्रेस की आजादी भी उसमें एक था । उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं कि हमारे संघर्ष के सफल रहने के बाद इसे बहाल किया गया। मैं भी लड़ा और 16 महीने के लिए जेल गया। यही कारण है कि हमारे लिए प्रेस की आजादी लोकतंत्र का सार है।’’
जावडेकर ने कहा कि आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। मीडिया जिम्मेदार माहौल में पहले से काम कर रहा है और आगामी दिनों में भी ऐसा जारी रहेगा। उन्होंने कहा, ‘‘इससे लोकतंत्र मजबूत होगा। इसलिए यह प्रभार संभालते हुए मैं खुश हूं। हम लोगों को अवगत रखने के इन मिशन में हाथ मिलाकर काम करेंगे।’’
(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2019 07:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

