
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को कांग्रेस के छह विधायकों को निलंबित कर दिया गया, जिसके विरोध में इन विधायकों ने सदन के वेल में पूरी रात बिताई. निलंबित किए गए विधायकों में गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीना, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गेसावत, हकीम अली खान और संजय कुमार जाटव शामिल हैं. ये सभी विधायक विधानसभा के बजट सत्र के शेष भाग के लिए निलंबित कर दिए गए हैं.
निलंबन के बाद धरना प्रदर्शन
निलंबन के बाद कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा में ही धरना देना शुरू कर दिया. निलंबित विधायकों के समर्थन में अन्य कांग्रेस नेता भी शामिल हुए. उल्लेखनीय है कि गोविंद सिंह डोटासरा राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, जबकि रामकेश मीना विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हैं.
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर की गई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया. इस पर कांग्रेस विधायकों ने कड़ा विरोध जताया और सदन में हंगामा किया. बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी. जब दोपहर 4 बजे कार्यवाही फिर से शुरू हुई, तो कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी रहा. इस पर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मंजूरी दे दी.
आज रात्रि, विधानसभा में ! जनहित की बुलंद आवाज़!
आपकी आवाज़ को दबाने की किसी भी कोशिश को नाकाम करेंगे, हर मुद्दे पर मजबूती से खड़े रहेंगे!#RajasthanVidhanSabha #जनताकीआवाज pic.twitter.com/2XVcYOvZJQ
— Zakir Hussain Gesawat - MLA🇮🇳 (@ZakirHussainINC) February 21, 2025
सचिन पायलट ने की निंदा
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस निलंबन की कड़ी निंदा की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "आज, राज्य सरकार के एक मंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की, जिसका कांग्रेस विधायकों ने विरोध किया. इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष @GovindDotasra समेत 6 विधायकों को निलंबित कर दिया गया. यह स्पष्ट करता है कि भाजपा सरकार सदन की कार्यवाही को नहीं चलाना चाहती और इस तरह की निराधार टिप्पणियां लगातार की जा रही हैं."
#कांग्रेस विधायको का सदन में रात्रि विश्राम...#Congress @KhabarRajastha @8PMnoCM pic.twitter.com/58wkpRKdgg
— Kamal Kumawat Journalist (@kamalkumawat71) February 22, 2025
'दादी' टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने विपक्ष के सदस्यों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमेशा की तरह, 2023-24 के बजट में भी "आपने योजना का नाम अपनी दादी के नाम पर रखा". इस बयान पर नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने कड़ी आपत्ति जताई.
यह मुद्दा अब राजनीतिक तूल पकड़ चुका है और कांग्रेस इसे सरकार की असहिष्णुता का उदाहरण बता रही है. वहीं, भाजपा का कहना है कि कांग्रेस सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का प्रयास कर रही है.