Shabnam Hanging Case: फांसी की सजा पाने वाली शबनम ने फिर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास भेजी दया याचिका, जानिए पूरा मामला
भारत में पहली बार किसी महिला को फांसी देने की चर्चा लगातार हो रही है. उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की शबनम का अपराध भी ऐसा है कि हर कोई जानकर एक बार सोचने पर मजबूर हो जाए. देश की सबसे बड़ी अदालत की तरफ से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद हत्यारी शबनम ने राष्ट्रपति के पास दया की अपील की थी. लेकिन वहां से भी उसे मायूसी ही हाथ लगी है. इसी बीच शबनम ने एक बार फिर राज्यपाल से दया याचिका की गुहार लगाई है. हालांकि इसे लेकर कोई बड़ा फैसला लेने की कोई उम्मीद नहीं है.
नई दिल्ली, 19 फरवरी 2021. भारत में पहली बार किसी महिला को फांसी देने की चर्चा लगातार हो रही है. उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की शबनम का अपराध भी ऐसा है कि हर कोई जानकर एक बार सोचने पर मजबूर हो जाए. देश की सबसे बड़ी अदालत की तरफ से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद हत्यारी शबनम ने राष्ट्रपति के पास दया की अपील की थी. लेकिन वहां से भी उसे मायूसी ही हाथ लगी है. इसी बीच शबनम ने एक बार फिर राज्यपाल से दया याचिका की गुहार लगाई है. हालांकि इसे लेकर कोई बड़ा फैसला लेने की कोई उम्मीद नहीं है.
बता दें कि यूपी की अमरोहा जिले की शबनम जुलाई 2019 से रामपुर जिले मे कैद है. शबनम के वकील ने जेल प्रशासन को फांसी की माफी के लिए दया याचिका भेजी है. जिसे जेल प्रशासन की तरफ से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजा जाएगा. साल 2008 में हुई इस हत्याकांड के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शबनम और सलीम की फांसी की सजा को बरकरार रखा था. राष्ट्रपति ने भी दोनों की याचिका को खारिज किया हुआ है. यह भी पढ़ें-उत्तर प्रदेश: अमरोहा में शादी के दौरान हर्ष फायरिंग में दूल्हे का दोस्त घायल, व्यक्ति गिरफ्तार
ANI का ट्वीट-
Shabnam, death row convict in Amroha murder case has filed a fresh mercy petition before UP Governor Anandiben Patel.
She had been convicted of killing seven members of her family after sedating them in April 2008.
— ANI UP (@ANINewsUP) February 19, 2021
गौरतलब है कि यूपी के अमरोहा जिले में बाबनखेड़ी गांव में 14-15 अप्रैल 2008 की रात को शबनम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी थी. अमरोहा की जिला कोर्ट ने साल 2010 में शबनम के मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 19, 2021 09:34 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

