संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- कोई खुश नहीं, हर कोई कर रहा है आंदोलन
संघ प्रमुख लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कि ऐशो-आराम में बढ़ोतरी के बावजूद हर कोई नाखुश है और आंदोलन कर रहा है. चाहे वह मालिक हो या नौकर, विपक्षी दल हो या आम आदमी, छात्र हो या शिक्षक, हर कोई नाखुश और असंतुष्ट है.
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गांधीनगर: संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) बीच- बीच में अपने व्याख्यानों के दौरान लोगों को संबोधित करते रहते हैं. शनिवार को वे गुजरात के अहमदाबाद (Ahmedabad) में संघ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हुए थे. जहां पर उन्होंने ने लोगों को संबोधित करते हुए एक बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि भौतिक सुख में कई गुना बढ़ोतरी के बावजूद समाज में हर कोई नाखुश है और लगातार आंदोलन कर रहा है. आरएसएस प्रमुख 'वर्तमान विश्व परिदृश्य में भारत की भूमिका' विषय पर बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात लोगों के सामने रखी.
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि दूसरा विश्व युद्ध हो चुका है, तीसरे का खतरा मंडरा रहा है, आज ऐशो-आराम में कई गुना बढ़ोतरी हुई है. लेकिन हर कोई नाखुश है और वह आन्दोलन कर रहा है. इसमें चाहते वह वर्कर हो या मालिक या विपक्षी पार्टियां या फिर आम आदमी हर कोई आन्दोलन कर रहा है. मोहन भागवत अपने संबोधन में सरकार के बारे में भी कहा कि सरकार भी आन्दोलन कर रही है. उन्होंने किसी के बारे में कहा कि कोई भी खुश नहीं है हर कोई नाखुश है और आन्दोलन कर रहा है. यह भी पढ़े: RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- हर भारतीय हिंदू, विविधता के बावजूद एक साथ रहना ही है हिंदुत्व
#WATCH RSS chief: World came closer but in the process 2 World Wars took place & threat of a 3rd is looming. It's said that the 3rd one is underway in a different form. There's violence & dissatisfaction. Everyone is agitating - owners, workers, govt, public, students, teachers. pic.twitter.com/mupQi4VoEY
— ANI (@ANI) February 15, 2020
उन्होंने कहा, ''भारत को धर्म (ज्ञान) देना है, ताकि ज्ञान फैले लेकिन मनुष्य रोबोट न बने. हमने हमेशा वैश्विक परिवार की बात की है न कि वैश्विक बाजार की.''भागवत ने कहा कि वर्तमान दौर में कट्टरता, हिंसा और आतंकवाद बढ़ रहा है. संघ प्रमुख भी कहा कि ‘‘यह सोचना कि हम बेहतर दुनिया में जी रहे हैं, अर्द्धसत्य है. सुविधाएं समान रूप से सबको हासिल नहीं हो रही हैं। जंगल का नियम चल रहा है। आगे बढ़ने के लिए सक्षम व्यक्ति कमजोर को दबा रहा है। दुनिया में तबाही के लिए ज्ञान का ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. बता दें कि इस व्यख्यान आयोजन ‘माधव स्मृति न्यास’ ने किया था. यह संगठन आरएसएस से जुड़ा हुआ है. (इनपुट भाषा के साथ)
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 16, 2020 12:22 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

