राज्यसभा उपसभापति चुनाव: अकाली दल ने बढ़ाई बीजेपी की मुश्किलें, वोटिंग से रह सकती है दूर, शिवसेना पर सस्पेंस बरकरार
चुनाव परिणाम बीजद, एआईएडीएमके, तेलंगाना राष्ट्र समिति और वाईएसआर कांग्रेस जैसी पार्टियों के रुख पर निर्भर करेगा, जो खास परिस्थितियों में सरकार के साथ गठजोड़ कर सकती हैं
नई दिल्ली: राज्यसभा के उपसभापति के लिए नौ अगस्त को चुनाव होना है और एनडीए की ओर से जनता दल यूनाइटेड के सांसद हरिवंश का उम्मीदवार बनना लगभग तय माना जा रहा है. विपक्षी पार्टियां चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, लेकिन किसी उम्मीदवार की घोषणा अभी नहीं हुई है. बहरहाल, एनडीए के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल हरिवंश को उम्मीदवार बनाने से खफा है. पार्टी की चाहत है कि इस चुनाव में उनका उम्मीदवार उतरे. सूत्रों की माने तो अकाली दल उपसभापति चुनाव के लिए होने वाली वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रह सकती है.
अकाली दल के आलावा शिवसेना भी बीजेपी से नाराज चल रही है. राज्यसभा के उपसभापति चुनाव को लेकर शिवसेना ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले है मगर यदि अकाली दल के साथ वो भी इस चुनाव एनडीए के पक्ष में वोट नहीं करती है तो उसके लिए चुनाव जीतना बेहद कठिन होगा. उपसभापति पद का चुनाव कड़ा होगा, क्योंकि विपक्षी खेमे के पास बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए से संख्या बल अधिक है.
आंकड़े:
बता दें कि संसद के ऊपरी सदन में कुल 245 सदस्य हैं. एनडीए के पास 115 सीटें हैं तो वहीं यूपीए के पास 113 सीट हैं. राज्यसभा में 73 सदस्यों के साथ बीजेपी सबसे बड़ा दल है. कांग्रेस के पास 50 सांसद हैं. राज्यसभा की एक सीट अभी खाली है.
ये पार्टियां बन सकती है किंग मेकर:
चुनाव परिणाम बीजद, एआईएडीएमके, तेलंगाना राष्ट्र समिति और वाईएसआर कांग्रेस जैसी पार्टियों के रुख पर निर्भर करेगा, जो खास परिस्थितियों में सरकार के साथ गठजोड़ कर सकती हैं
कौन हैं हरिवंश:
हरिवंश नीतीश कुमार की पार्टी के सदस्य हैं और पहली बार राज्यसभा के सांसद बने हैं. वे पेशे से पत्रकार रह चुके हैं और प्रभात खबर अखबार के संपादक भी रह चुके हैं. वह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पीआरओ भी रह चुके हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2018 09:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

