प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता को दोहराया
जलवायु परिवर्तन पर सितंबर में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन के आयोजन से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ अपनी बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
संयुक्त राष्ट्र : जलवायु परिवर्तन पर सितंबर में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र (United Nations) शिखर सम्मेलन के आयोजन से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres) के साथ अपनी बैठक के दौरान जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है.
क्लाईमेट समिट 2019 के लिए गुटेरेस के विशेष दूत लुईस अल्फांसो डी एल्बा ने मंगलवार को कहा कि मोदी ने रविवार को फ्रांस के बिआरित्ज में जी-7 बैठक से इतर गुटेरस से मुलाकात के दौरान अपना वादा दोहराया है. आगामी उच्चस्तरीय वैश्विक बैठक के बारे में डी एल्बा ने पत्रकारों से कहा कि मोदी ने "जलवायु पर नेतृत्व जारी रखने और खास तौर से सौर ऊर्जा के साथ निपटने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की, जिसके लिए उनके पास एक विशाल, बहुत महत्वपूर्ण पहल है."
यह भी पढ़ें : पीएम नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर पाकिस्तान सीनेट के चेयरमैन सादिक संजरानी ने यूएई की यात्रा छोड़ी
मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन(इंटरनेशनल सोलर एलायंस) की शुरुआत की है, जिसमें 122 देश सदस्य हैं और इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना है. घरेलू तौर पर भारत ने पहले ही 28 गीगावाट सौर ऊर्जा स्थापित कर ली है और 2022 तक भारत का लक्ष्य 100 गीगावाट तक सौर ऊर्जा स्थापित करना है.
डी एल्बा ने कहा, "भारत के साथ सहयोग भी काफी महत्वपूर्ण है. (यह) प्रमुख उत्सर्जकों में से एक है." उन्होंने कहा कि भारत महासभा की वार्षिक उच्चस्तरीय बैठक के शुरू होने से पहले तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में स्वीडन के साथ इंडस्ट्री ट्रांजिशन कोलिएशन का नेतृत्व करेगा. इस अनुभाग में जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए उद्योगों को शामिल करना और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती करना है.
बैठक की योजना के अनुसार, रसायन, सीमेंट, स्टील, एल्युमिनियम, ट्रकिंग, शिपिंग, एविएशन क्षेत्रों के छह-सात सीईओ से उम्मीद है कि वे इस सम्मेलन के दौरान 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन के प्रति बचनबद्धता जताएंगे.
डी एल्बा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में ज्यादातर उद्योग शामिल हो रहे हैं. इस दौरान उन्होंने भारत का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत की यात्रा के दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में टाटा और महिंद्रा से लेकर छोटे उद्योगों और सीमेंट उद्योग कंपनियों के साथ एक बैठक में भाग लिया था, जिसमें उन्होंने उनकी कार्बन उत्सर्जन में कटौती की प्रतिबद्धता देखी थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2019 03:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

