ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बहन और प्रसिद्ध लेखिका गीता मेहता (Gita Mehta) ने शनिवार को सरकार की तरफ से दिया गया 'पद्म श्री' सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया. गीता ने अवॉर्ड लेने से इनकार करते हुए कहा है कि यह अवॉर्ड लेने का सही समय नहीं है, क्योंकि लोकसभा चुनाव आने वाले हैं. बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर मेहता को इस सम्मान से नवाजे जाने का ऐलान किया गया था, जिसे लेकर न्यूयॉर्क में रह रहीं इस लेखिका ने एक बयान जारी कर कहा कि यह कदम सरकार और उनके लिए शर्मिंदगी का सबब बन सकता है.
गीता मेहता ने एक प्रेस स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रही हूं कि भारत सरकार ने मुझे पद्म श्री जैसे सम्मान के लायक समझा. लेकिन अफसोस के साथ मुझे इसे लेने से इनकार करना पड़ रहा है. देश में आम चुनाव नजदीक हैं और अवॉर्ड की टाइमिंग से समाज में गलत संदेश जाएगा, जो मेरे और सरकार दोनों के लिए शर्मिंदगी की बात होगी. इसका मुझे हमेशा अफसोस रहेगा.'
Gita Mehta, writer&sister of Odisha CM:Deeply honoured that Govt should think me worthy of a Padma Shri but with great regret I decline it as there is a general election looming and timing might be misconstrued, causing embarrassment both to Govt and me,which I would much regret. pic.twitter.com/TiFD0wVPSG
— ANI (@ANI) January 26, 2019
बता दें कि गीता मेहता को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म श्री के लिए चुना गया है. उन्होंने पिछले 40 सालों के अपने साहित्यिक जीवन में कई बेहतरीन किताबें लिखी हैं. गौरतलब है कि कुछ महीने पहले गीता और उनके पति सोनी मेहता ने कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. करीब डेढ़ घंटे चली इस मुलाकात को लोकसभा चुनाव से पहले नवीन पटनायक को बीजेपी के करीब लाने की कोशिश की तरह देखा गया था.













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