Mumbra Election Results 2026: एनसीपी नेता मर्जिया पठान का जीत वाला वीडियो वायरल, कार्यकर्ताओं में दिखा भारी उत्साह
मर्जिया पठान को मुंब्रा-कलवा के विधायक और दिग्गज नेता डॉ. जितेंद्र आव्हाड का करीबी माना जाता है. शरद पवार गुट की एनसीपी में उन्हें एक उभरते हुए चेहरे के रूप में देखा जा रहा है.
Marziya Pathan Winning Video: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) की युवा और प्रखर नेता मर्जिया पठान इन दिनों मुंब्रा की राजनीति में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह अपने समर्थकों के बीच जीत का जश्न मनाती और स्थानीय मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखती नजर आ रही हैं. इस वीडियो ने न केवल मुंब्रा, बल्कि ठाणे जिले की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है.
युवाओं और महिलाओं का मिला भारी समर्थन
Marziya Pathan Election Result- वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मर्जिया पठान के साथ महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ मौजूद है. स्थानीय लोगों का मानना है कि मर्जिया ने पिछले कुछ समय में जमीनी स्तर पर काम करके अपनी एक अलग पहचान बनाई है. विशेष रूप से शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर उनके द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना हो रही है.
पार्टी के भीतर बढ़ता कद
मर्जिया पठान को मुंब्रा-कलवा के विधायक और दिग्गज नेता डॉ. जितेंद्र आव्हाड का करीबी माना जाता है. शरद पवार गुट की एनसीपी में उन्हें एक उभरते हुए चेहरे के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी वाकपटुता और जनता से सीधे जुड़ने की शैली उन्हें भविष्य के चुनावों के लिए एक मजबूत दावेदार बनाती है.
देखें मर्जिया पठान के जीत का वीडियो:
मुंब्रा की बदलती राजनीतिक तस्वीर
मुंब्रा पारंपरिक रूप से एनसीपी का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में अन्य राजनीतिक दलों ने भी यहाँ अपनी सक्रियता बढ़ाई है. ऐसे में मर्जिया पठान जैसे युवा चेहरों का आगे आना पार्टी के लिए संजीवनी का काम कर रहा है. वीडियो में उनकी 'जीत' के नारों को आगामी नगर निगम (BMC/TMC) चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है.
जनता की राय और प्रतिक्रिया
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंब्रा के स्थानीय निवासियों ने कहा कि उन्हें ऐसे शिक्षित और संवेदनशील प्रतिनिधियों की जरूरत है जो उनके मुद्दों को सरकार तक पहुंचा सकें. मर्जिया पठान ने अपने भाषणों में अक्सर इस बात पर जोर दिया है कि वह मुंब्रा की छवि को 'डर' से बदलकर 'विकास और शिक्षा' की ओर ले जाना चाहती हैं.