Maharashtra: मैंने कोई डाका डाला है, कोई बलात्कार किया है; महाराष्ट्र में रमी खेलने के शौकीन मंत्री माणिकराव कोकाटे से छिना कृषि विभाग, सरकार ने दे दिया खेल मंत्रालय
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक वीडियो को लेकर खूब हलचल मची हुई है. वीडियो में राज्य के मंत्री माणिकराव कोकाटे को विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मोबाइल पर रम्मी खेलते देखा गया.
Manikrao Kokate Rummy Controversy: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक वीडियो को लेकर खूब हलचल मची हुई है. वीडियो में राज्य के मंत्री माणिकराव कोकाटे (Manikrao Kokate) को विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मोबाइल पर रमी (Rummy Game) खेलते देखा गया. इस घटना के बाद उन्हें भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. विपक्ष से लेकर किसान संगठनों तक ने उनके इस्तीफे की मांग कर दी थी. इस विवाद को शांत करने के लिए अब उन्हें कृषि विभाग से हटा दिया गया है. अब कोकाटे को युवा, खेल, अल्पसंख्यक मामलों और औकाफ विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, इन विभागों को संभाल रहे मंत्री दत्तात्रय भरणे को अब कृषि मंत्रालय सौंपा गया है.
इस फेरबदल की अधिसूचना गुरुवार देर शाम सामान्य प्रशासन विभाग की अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा ने जारी की. बताया जा रहा है कि यह फैसला डिप्टी सीएम अजीत पवार और सीएम देवेंद्र फडणवीस के बीच चर्चा के बाद लिया गया.
रमी विवाद के बाद माणिकराव कोकाटे को खेल मंत्रालय मिला
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वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री जी की फजीहत
कोकाटे के रमी खेलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद न सिर्फ उनकी छवि को झटका लगा, बल्कि सरकार की भी खूब फजीहत हुई. कई संगठनों ने इसे किसानों के प्रति असंवेदनशीलता बताया. इस बीच, छावा संगठन ने भी कोकाटे के खिलाफ प्रदर्शन किया. मामला तब और गंभीर हो गया जब एनसीपी यूथ विंग के अध्यक्ष सूरज चव्हाण और उनके साथियों पर एक वरिष्ठ नेता के साथ मारपीट का आरोप लगा.
बाद में अजीत पवार को चव्हाण को पद से हटाना पड़ा और यह स्पष्ट करना पड़ा कि पार्टी किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करती.
'मैंने कोई बलात्कार या डकैती तो नहीं की है'
हालांकि कोकाटे ने अपने बचाव में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी कि वे रमी नहीं खेल रहे थे, बल्कि मोबाइल खोलते ही विज्ञापन चल पड़ा जो रिकॉर्ड हो गया. उन्होंने यहां तक कह दिया कि "मैंने कोई बलात्कार या डकैती तो नहीं की है, फिर इस्तीफा क्यों दूं?"
अब जब विवाद ने तूल पकड़ लिया, तो डिप्टी सीएम पवार ने उन्हें सख्त चेतावनी दी और सलाह दी कि वे गैरजिम्मेदार बयानबाज़ी से बचें.
सीएम फडणवीस ने मंत्रियों को दी हिदायत
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने मंत्रियों को हिदायत दी है कि वे अपने विभागीय काम पर ध्यान दें और विवादों से दूर रहें. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई मंत्री आगे भी ऐसे विवादों में घिरा पाया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कोकाटे के मंत्रालय बदलने के फैसले से खुद को अलग बताया और कहा कि यह निर्णय डिप्टी सीएम फडणवीस और अजीत पवार ने मिलकर लिया है.