Maharashtra Political Crisis: जीतकर भी कैसे हार गए उद्धव ठाकरे, सुप्रीम कोर्ट में 5 में से 4 बाजियां जीते, फिर भी नहीं मिली महाराष्ट्र की सत्ता
उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति वाले अपने फैसले में कहा कि वह उद्धव ठाकरे नीत तत्कालीन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को बहाल नहीं कर सकता क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष जून माह में शक्ति परीक्षण का सामना किए बिना ही पद से इस्तीफा दे दिया था.
Maharashtra Political Crisis: उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति वाले अपने फैसले में कहा कि वह उद्धव ठाकरे नीत तत्कालीन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार को बहाल नहीं कर सकता क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष जून माह में शक्ति परीक्षण का सामना किए बिना ही पद से इस्तीफा दे दिया था.
- उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह ठाकरे नीत एमवीए सरकार को बहाल करने के उपाय के बारे में विचार कर सकता था अगर उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा नहीं दिया होता.
- शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की भी खिंचाई की और कहा कि उनके पास इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए ऐसी सामग्री नहीं थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ठाकरे ने सदन का विश्वास खो दिया है.
- उच्चतम न्यायालय ने कहा कि तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष का भरत गोगावले को शिवसेना के मुख्य सचेतक के रूप में मान्यता देने का निर्णय ‘‘कानून के अनुरुप नहीं’’ था.
- उच्चतम न्यायालय ने कहा कि किसी राज्य के राज्यपाल के पास राजनीतिक दायरे में दाखिल होने तथा अंतर-दलीय विवादों या पार्टी के आंतरिक विवादों में भूमिका निभाने की शक्तियां नहीं होती.
- न्यायालय ने कहा कि महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने के लिए कहना ‘‘कानून के अनुरूप नहीं था.’’
- न्यायालय ने कहा कि राज्यपाल का एकनाथ शिंदे को नयी सरकार गठित करने के लिए आमंत्रित करने का 30 जून 2022 का निर्णय उचित था.
- न्यायालय ने कहा कि एक बार कोई सरकार कानून के अनुरूप लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित हो जाती है तो ऐसी धारणा होती है कि उसे सदन में बहुमत प्राप्त है, इस धारणा को खारिज करने के लिए कोई उद्देश्यपरक सामग्री होनी चाहिए.
- न्यायालय ने कहा कि वह दलबदल कानून के तहत विधायकों के खिलाफ दाखिल अयोग्यता याचिका पर फैसला नहीं दे सकता, साथ ही उसने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को मुख्यमंत्री शिंदे तथा अन्य विधायकों के खिलाफ इस प्रकार की याचिका पर निर्णय लेने को कहा.
- शीर्ष अदालत ने विधायकों को अयोग्य करार देने के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार से जुड़े पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के 2016 के नबाम रेबिया फैसले को सात न्यायाधीशों की बड़ी पीठ को भी भेज दिया.
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
Tags
(Uddhav Thackeray
Chief Justice DY Chandrachud
Chief Minister Eknath Shinde faction
Devendra Fadnavis
Eknath Shinde
Justice Hima Kohli
Justice Krishna Murari
Justice MR Shah
Justice PS Narasimha
live breaking news headlines
Maharashtra Shiv Sena Case
Maharashtra Shiv Sena Political
Shiv Sena Crisis
Shiv Sena Uddhav Thackeray faction
Supreme Court
उद्धव ठाकरे
उद्धव ठाकरे गुट
एकनाथ शिंदे
जस्टिस पीएस नरसिम्हा
देवेंद्र फड़णवीस
न्यायमूर्ति एमआर शाह
न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी
न्यायमूर्ति हेमा कोहली
महाराष्ट्र
मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
शिवसेना
सुप्रीम कोर्ट
संबंधित खबरें
PM Modi ने Anutin Charnvirakul को थाईलैंड का प्रधानमंत्री चुने जाने पर दी बधाई, रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर दिया जोर
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी? 3.0 फिटमेंट फैक्टर और 30 साल में 5 प्रमोशन का प्रस्ताव, जानें ताजा अपडेट
Stock Market Today, March 20, 2026: शेयर बाजार में लौटी हरियाली, सेंसेक्स 950 अंक से ज्यादा उछला; पश्चिम एशिया संकट के बीच उतार-चढ़ाव जारी
Stocks To Buy or Sell Today, March 20, 2026: TCS, HDFC Bank और NTPC समेत इन 5 शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर; जानें आज बाजार में हलचल की मुख्य वजहें
\