पीयूष गोयल ने पिछली सरकारों पर बोला बड़ा हमला... कहा- 50 साल में नहीं ला पाई बुलेट ट्रेन
गोयल ने कहा, " प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत प्रौद्योगिकी की शक्ति बने ताकि लोगों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्राप्त हों. भारत में 50 साल के बाद बुलेट ट्रेन परियोजना तब आई, जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने."
नई दिल्ली. रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि पूर्व की सरकारें बुलेट ट्रेन लाने में अक्षम साबित हुईं और रेलवे का इस्तेमाल राजनीतिक कारणों के लिए किया गया. लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में गोयल ने कहा, "पूर्व में रेलवे का इस्तेमाल राजनीतिक कारणों के लिए किया गया. इसलिए अनेक परियोजनाओं की घोषणा नहीं हो पाई और सभी परियोजनओं पर कार्य के लिए बजट का अभाव बना रहा. हम यह सुनिश्चित करते हैं कि जहां कहीं भी जमीन उपलब्ध है और कार्य महत्वपूर्ण है वहां उसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है."
उन्होंने सदन को बताया, "पुरुष और महिलाओं के अलग-अलग शौचालय बनाने की हमारी योजना है. इसके अलावा, देशभर के स्टेशनों पर पानी की सुविधा, प्रतीक्षालयों को उन्नत बनाना और अन्य सुविधाएं मुहैया करवाना हमारी प्राथमिकता में शामिल है."
गोयल ने कहा, " प्रधानमंत्री का सपना है कि भारत प्रौद्योगिकी की शक्ति बने ताकि लोगों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्राप्त हों. भारत में 50 साल के बाद बुलेट ट्रेन परियोजना तब आई, जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने."
उन्होंने कहा, "हमने 0.1 फीसदी की ब्याज दर पर जापान से 50 साल के लिए 1.08 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. हम देश में द्रुतगामी रेल नेटवर्क विकसित करना चाहते हैं."
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण भी सुनिश्चित किया है ताकि उससे मेक-इन-इंडिया की पहल में मदद मिलने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में भी योगदान दिया जा सके.
कांग्रेस पर तंज कसते हुए गोयल ने कहा, "उनको खुश होना चाहिए कि जिस बुलेट ट्रेन की परियोजना वह नहीं ला सके उसे लाने में यह सरकार कामयाब रही है. जो पैसा लाने में वे विफल रहे वह हमें मामूली ब्याज दर पर मिला है."
वह कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बुलेट ट्रेन परियोजना, पटरियों के दोहरीकरण व विद्युतीकरण और नई पटरी बिछाने के मसले को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे.
गोयल ने बताया कि पटरियों के रखरखाव का कार्य जिस गति से आज हो रही है उस गति से संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में संभव नहीं हो पाया.
उन्होंने कहा कि 2012-13 में महज 800 किलोमीटर विद्युतीकरण का कार्य हुआ जबकि पिछले साल 41,00 किलोमीटर विद्युतीकरण कार्य संपन्न हुआ। हमने एक साल में 4,500 किलोमीटर में नई पटरी बिछाई.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2018 09:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

