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पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने सुषमा स्वराज को किया याद, कहा- इराक से केरल की नर्सों को निकालने में निभाई थी अहम भूमिका

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी और दो एचआईवी पॉजिटिव बच्चों की 70 वर्षीय दादी ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निधन से बेहद दुखी हैं. सुषमा द्वारा दोनों बच्चों को गले लगाने से दोनों बच्चों और असहाय सलम्मा की जिंदगी बदल गई. सुषमा स्वराज का मंगलवार रात दिल्ली में कार्डिक अरेस्ट के बाद निधन हो गया. वह 67 साल की थीं.

पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने सुषमा स्वराज को किया याद, कहा- इराक से केरल की नर्सों को निकालने में  निभाई थी अहम भूमिका
दिवंगत सुषमा स्वराज और पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी (Photo Credits : IANS/File Photo)

तिरुवनंतपुरम :  केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी (Oommen Chandy) और दो एचआईवी पॉजिटिव बच्चों की 70 वर्षीय दादी ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के निधन से बेहद दुखी हैं. सुषमा स्वराज का मंगलवार रात दिल्ली में कार्डिक अरेस्ट के बाद निधन हो गया. वह 67 साल की थीं.

चांडी ने याद किया कि जुलाई 2014 में सुषमा ने इराक से केरल की नर्सों को निकालने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा, "वह एक ऐसी शख्सियत थीं, जिन्हें मैं उस तरह से कभी नहीं भूल पाऊंगा, जब पश्चिम एशिया में मुसीबत के चरम पर हमें दो सप्ताह के लिए सभी जरूरी सहयोग देने के लिए सबसे परे चली गई थीं."

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चांडी ने कहा, "उन्होंने आधी रात को जल्दी से अच्छी तरह से काम किया, जब मैंने उन्हें यह बचाने के लिए फोन किया कि एयर इंडिया की फ्लाइट जो 46 फंसीं नर्सों को लेने के लिए गई थी, वहां नहीं उतर सकी. तो, उन्होंने मुझसे कहा कि वह 15 मिनट में वापस फोन करेंगी, और उन्होंने ऐसा ही किया और उन्होंने हवाईअड्डे पर विमान की लैंडिंग की अनुमति प्राप्त करने में कामयाबी हासिल कर ली, जिससे इन नर्सों को तुरंत एयरलिफ्ट करने में मदद मिली."

70 वर्षीय सलम्मा ने आईएएनएस को बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के आकस्मिक निधन के बारे में सुनकर वह स्तब्ध रह गईं. सलम्मा ने कहा, "अगर वह 2003 में यहां सार्वजनिक तौर पर मेरे दो एचआईवी पॉजिटिव पोते, पोती बेंसन और बेंसी पर दिखाती, तो हमारी जिंदगी मुसीबत में गुजर रही होती."

दोनों भाई-बहनों की दुर्दशा को पहली बार 2003 में उनके एचआईवी पॉजिटिव होने की वजह से एक स्कूल से निकाल दिए जाने के बाद उजागर किया गया था. केरल सरकार ने मामले को उठाया, लेकिन यह सुषमा स्वराज थी, जिनके प्रयासों से उन्हें सबसे अधिक मदद मिली. दोनों की तकलीफ के बारे में सुनने के बाद सुषमा ने शहर के लिए उड़ान भरी और दोनों बच्चों से मिलीं. सुषमा ने उन्हें गले लगाया और उन्हें चूमा.

सुषमा द्वारा दोनों बच्चों को गले लगाने से दोनों बच्चों और असहाय सलम्मा की जिंदगी बदल गई. सलम्मा ने कहा कि उनके रुख के कारण था कि हमें मासिक सहायता मिलनी शुरू हुई जो बच्चों की शिक्षा की जरूरतों का ध्यान रखा. हम उन्हें कभी नहीं भूलेंगे. जहां 2010 में बेंसी ने बीमारी के कारण दम तोड़ दिया, वहीं बेंसन अब 23 साल का होने जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2019 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).