GST परिषद बैठक में कर कटौती के बाद कई वस्तुओं और सेवाओं पर घटाए टैक्स

भारतीय कार्पोरेट जगत के लिए एक महत्वपूर्ण दिन साबित हुआ. कॉर्पोरेट कर को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी करने सहित कई तरह की कर रियायतों के बाद, जीएसटी परिषद ने मांग बढ़ाने के लिए कई वस्तुओं और सेवाओं पर कर घटा दिया है. जीएसटी दर में कटौती से जिन क्षेत्रों को फायदा होगा, उसमें होटल, रत्न और आभूषण, रक्षा और वाहन प्रमुख हैं.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Photo Credits : IANS)

पणजी : भारतीय कार्पोरेट जगत के लिए शुक्रवार एक महत्वपूर्ण दिन साबित हुआ. कॉर्पोरेट कर को 30 फीसदी से घटाकर 22 फीसदी करने सहित कई तरह की कर रियायतों के बाद, जीएसटी (GST) परिषद ने मांग बढ़ाने के लिए कई वस्तुओं और सेवाओं पर कर घटा दिया है. जीएसटी दर में कटौती से जिन क्षेत्रों को फायदा होगा, उसमें होटल, रत्न और आभूषण, रक्षा और वाहन प्रमुख हैं.

जीएसटी परिषद की बैठक के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि अब 7,500 रुपये प्रति रात से अधिक किराए वाले होटल रूम पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा.

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वहीं 1,000 रुपये से 7,500 रुपये तक के किराए वाले होटल रूम पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा तथा 1,000 रुपये से कम किराए वाले कमरों को जीएसटी नहीं देना होगा.

परिषद ने पत्ती और खाल से निर्मित कप-प्लेट पर जीएसटी नहीं लगाने का फैसला किया है. हालांकि कैफिनेटेड वेबरेज (कोला जैसे ड्रिंक्स) पर जीएसटी की दर 18 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दी गई है और उनपर 12 फीसदी का सेस भी लगेगा.

परिषद ने रक्षा उत्पादों को जीएसटी से छूट दी है, ताकि इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा सके. अन्य प्रमुख मदों में, परिषद ने 10-13 लोगों के बैठने की क्षमता वाले यात्री वाहनों पर कंपेनसेसन सेस को 1-3 फीसदी घटा दिया है, जिससे उनकी कीमतें कम होंगी. हालांकि, रेलवे वैगन, कोच और रोलिंग स्टॉक जीएसटी पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया है.

संशोधित जीएसटी दरें एक अक्टूबर, 2019 से प्रभावी होंगी. रत्न और आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए परिषद ने पॉलिस्ड सेमी प्रीसियस वस्तुओं पर जीएसटी की दर को तीन फीसदी से घटाकर 0.25 फीसदी कर दिया है.

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन कमजोर रहने के कारण मोदी सरकार ने विकास को बढ़ावा देने और कारोबारी भावनाओं को उभारने के लिए कई कदम उठाएं हैं.

अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की वृद्धि दर घटकर छह साल के निचले स्तर पर पांच फीसदी पर पहुंच गई थी. वित्तमंत्री सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 23 अगस्त से चार बार विभिन्न उपायों की घोषणा की है, इसी कड़ी में शुक्रवार को ये घोषणाएं की गईं.

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