कोरोना संकट के बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बोले-प्रधानमंत्री मोदी के सही फैसलों से कारण भारत में COVID-19 से हुई कम मौतें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संकट के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस दूरदर्शिता, सकारात्मक सोच के साथ सही फैसले लिए उसी का नतीजा रहा कि दुनिया के विकसित देशों की अपेक्षा भारत में संक्रमितों की संख्या व मौत के आंकड़े काफी कम हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों को बधाई दी.
लखनऊ, 31 मई. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संकट के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस दूरदर्शिता, सकारात्मक सोच के साथ सही फैसले लिए उसी का नतीजा रहा कि दुनिया के विकसित देशों की अपेक्षा भारत में संक्रमितों की संख्या व मौत के आंकड़े काफी कम हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों को बधाई दी. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर संगठन का कार्य कैसे हो सकता है, इसका आप सबने बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है.
देश की 130 करोड़ जनता की ताकत का एहसास आज पूरी दुनिया कर रही है। एमएसएमई सेक्टर उत्तर प्रदेश की ताकत थी, मगर आजादी के बाद लगातार इस क्षेत्र की उपेक्षा हुई. प्रधानमंत्री ने दूसरे चरण में इस सेक्टर से जुड़े लोगों, पटरी व्यवसाई, युवा छात्र, कामगारों/श्रमिकों के कल्याण के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिली। प्रधानमंत्री के सही फैसले के कारण भारत में कोरोना से कम मौतें हुई. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार और संगठन के बेहतर समन्वय ने कोरोना की जंग आसान की. एक-एक कार्यकर्ता और सभी जनप्रनिधियों के सहयोग से हम लोग बहुत अच्छे ढंग से इस स्थिति का सामना करने में सफल हुए हैं. यह भी पढ़ें-कोरोना से जंग जारी: पीएसए राघवन बोले-भारत में 30 समूह कोरोना वायरस का टीका बनाने की कोशिश में लगे हैं
योगी ने कहा कि प्रदेश के आगरा में जब कोरोना का पहला केस आया था तो मरीज को इलाज के लिए दिल्ली भेजना पड़ा था. उस समय कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रदेश में एक भी कोविड अस्पताल, लैब व अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं थी. मगर आज लेवल-1, लेवल-2 व लेवल-3 के 1 लाख 1 हजार बेड उपलब्ध हैं. प्रदेश के सभी 75 जनपदों में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 31 नई लैब स्थापित की गई हैं। प्रदेश में अब 10 हजार टेस्ट प्रतिदिन किये जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि 15 जून तक 15 हजार व जून के अंत तक 20 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता उत्तर प्रदेश अर्जित कर लेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी सरकार के समय एक बात कही जाती थी कि हम 100 रुपया भेजते हैं, लेकिन नीचे 10 रुपया पहुंचता है। उस समय की सरकारों और राजनेताओं की नीयत कैसी थी, इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं। कितने लाचार थे उस समय के प्रधानमंत्री, जो यह कहते थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब जनधन अकाउंट खुलवाने की घोषणा की तो लोगों को लगा होगा कि इसका क्या होगा जब इसमें पैसा ही नहीं आना, लेकिन कोरोना के दौरान इन जनधन अकाउंट की कीमत तब पता चली, जब केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार द्वारा पैसा पहुंचने लगा। आज प्रत्येक गरीब अपने अकाउंट में आने वाले पैसे का शतप्रतिशत उपयोग कर रहा है.
योगी ने कहा कि इन्सेफेलाइटिस से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में प्रति वर्ष सैकड़ों बच्चों की मौतें होती थी. आज इन्सेफेलाइटिस की बीमारी 60 फीसदी कम हुई है और मौत के आंकड़ों में 90 फीसदी की कमी आई है। यह सब संभव हो पाया प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन के कारण. जिसकी कहानी को दुनिया ने अंगीकार किया और लोगों ने इसे हाथों-हाथ लिया. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
(The above story first appeared on LatestLY on May 31, 2020 11:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

