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10 अक्टूबर को वाराणसी में 'प्रतिज्ञा रैली' पर कांग्रेस का फोकस

लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद कांग्रेस ने अपना ध्यान वाराणसी में 'प्रतिज्ञा रैली' पर केंद्रित कर लिया है, जिसे रविवार को पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा संबोधित करेंगी. उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा आयोजित की जाने वाली यह पहली रैली होगी. यह प्रधानमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है और कांग्रेस ने इसे एक बड़ी सफलता बनाने के लिए कमर कस ली है.

10 अक्टूबर को वाराणसी में 'प्रतिज्ञा रैली' पर कांग्रेस का फोकस
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी (Photo Credits ANI)

वाराणसी, 8 अक्टूबर: लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद कांग्रेस ने अपना ध्यान वाराणसी में 'प्रतिज्ञा रैली' पर केंद्रित कर लिया है, जिसे रविवार को पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा संबोधित करेंगी. उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा आयोजित की जाने वाली यह पहली रैली होगी. यह प्रधानमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र है और कांग्रेस ने इसे एक बड़ी सफलता बनाने के लिए कमर कस ली है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह ने आईएएनएस को बताया, "यह रैली वाराणसी में आयोजित की जाएगी और इसके लिए लोगों को जुटाने के लिए आठ जिलों के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को काम पर लगाया गया है. " जिलों में मिजार्पुर, चंदौली, सोनभद्र, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया शामिल हैं. लखीमपुर खीरी की घटना के बाद कांग्रेस एक अच्छी भीड़ जुटने की उम्मीद कर रही है, जहां एक केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा कथित तौर पर किसानों की हत्या कर दी गई थी. यह भी पढ़े: Punjab Congress Crisis: पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच आज होगी मुलाकात, देखें ट्वीट कर क्या कहा?

प्रियंका गांधी, जिन्होंने राज्य में किसानों का मुद्दा उठाया है, और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह राज्य में पार्टी को फिर से स्थापित करने का समय है क्योंकि कांग्रेस को छोड़कर कोई अन्य पार्टी लोगों के मुद्दों को नहीं उठा रही है और उनकी समस्याओं को उजागर कर रही है. प्रियंका गांधी ने गुरुवार को लखीमपुर खीरी हिंसा की उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की.

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी, जिनके बेटे पर मामला दर्ज किया गया है, को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस्तीफा देना चाहिए.उन्होंने कहा, "मेरे विचार से और पीड़ित परिवारों का भी यही मानना है कि मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या उच्च न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश द्वारा की जानी चाहिए न कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश से. "राज्य सरकार ने गुरुवार को उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रदीप श्रीवास्तव को लखीमपुर हिंसा की जांच के लिए नियुक्त किया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 08, 2021 06:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).