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केरल में हमें बाहर करने के लिए माकपा और BJP कर रहे अनैतिक गठबंधन, कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप

कांग्रेस के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन (Congress head Mullapally Ramachandran) ने दिल्ली में मीडिया से कहा, "कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने के अपने आखिरी मकसद को पूरा करने के लिए वे हर अच्छे-बुरे तरीके का सहारा लेंगे.

केरल में हमें बाहर करने के लिए माकपा और BJP कर रहे अनैतिक गठबंधन, कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप
कांग्रेस (Photo Credits: PTI)

तिरुवनंतपुरम, 9 मार्च:  केरल (Kerala) में कांग्रेस ने मंगलवार को भाजपा (BJP) और सत्तारूढ़ पार्टी मार्क्‍सवादी कमयुनिस्ट पार्टी (Marxist Communist Party) पर हमला करते हुए कहा कि वे अनैतिक गठबंधन कर रहे हैं. साथ ही कहा कि "इस गठबंधन के मुख्य अभिनेता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah)और मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन (Chief Minister Pinarayi Vijayan) हैं।" केरल राज्य कांग्रेस के प्रमुख मुल्लापल्ली रामचंद्रन (Congress head Mullapally Ramachandran) ने दिल्ली में मीडिया से कहा, "कांग्रेस पार्टी को कमजोर करने के अपने आखिरी मकसद को पूरा करने के लिए वे हर अच्छे-बुरे तरीके का सहारा लेंगे. आप सभी उस घटना को याद रखें जब कन्नूर हवाईअड्डे को आधिकारिक तौर पर खोलने से पहले ही विजयन ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष शाह के विमान को वहां उतरने की अनुमति दे दी थी."  यह भी पढ़े: West Bengal: सीएम ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में रैली के दौरान किया चंडी पाठ- देखें वीडियो

रविवार को गृहमंत्री शाह भाजपा की केरल इकाई द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक रैली में भाग लेने के लिए राज्य की राजधानी पहुंचे थे. वहां उन्होंने सोने की तस्करी और रिवर्स डॉलर हवाला मामलों के संबंध में विजयन से कुछ सवाल पूछे थे. ये वही मामले हैं, जिन पर विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं. इस पर विजयन ने सोमवार को इन सवालों के जवाब देने के बजाय अपने ही सवाल दाग दिए थे.

इस मसले पर केरल राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने कहा, "आप बस इन दोनों मामलों की जांच की गति देखें. आप पाएंगे कि जैसे ही जांच अहम मोड़ पर पहुंची, वैसे ही जांच अचानक रुक गई. यह साबित करता है कि इन दोनों पार्टियों ने अंदरखाने से हाथ मिलाए हुए हैं, क्योंकि यदि जांच सही तरीके से होती तो दोनों को मुश्किल हो सकती है."

बता दें कि केरल में 140 सीटों पर 6 अप्रैल को वोट पड़ने हैं. वैसे तो यहां सीधा मुकाबला कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ और माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ के बीच होता था. लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए भी धीरे-धीरे यहां जगह बनाने लगा है.

साल 2016 के विधानसभा चुनावों में एनडीए ने एक सीट जीतकर अपना खाता खोला था. वहीं 2019 के लोकसभा चुनावों में एनडीए कुल मतों का 15.64 प्रतिशत हिस्सा पाने में कामयाब रही थी, जो 2016 के विधानसभा चुनावों के 14.96 प्रतिशत से ज्यादा था.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 09, 2021 09:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).