'क्या ये मलेशिया जाने का समय है'.. उपराष्ट्रपति शपथ ग्रहण में नहीं आए राहुल गांधी, तो भड़की बीजेपी
राहुल गांधी नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए. (Photo: X)

नई दिल्ली: देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में सीपी राधाकृष्णन ने शपथ ले ली है, लेकिन इस समारोह को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद बीजेपी ने उन पर चौतरफा हमला बोल दिया है.

बीजेपी का सीधा निशाना

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी के खिलाफ तीखी टिप्पणी की. उन्होंने लिखा, "राहुल गांधी भारतीय संविधान और लोकतंत्र से नफरत करते हैं. इसीलिए उन्होंने उपराष्ट्रपति के आधिकारिक शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया."

भंडारी ने आगे कहा, "कुछ दिन पहले, उन्होंने लाल किले पर भारत की आजादी के जश्न का भी बहिष्कार किया था. जो व्यक्ति भारत के स्वतंत्रता दिवस और एक संवैधानिक पद के शपथ ग्रहण का अपमान करता है, क्या उसे सार्वजनिक जीवन में रहने का अधिकार है?"

उन्होंने सबसे बड़ा तंज कसते हुए कहा, "राहुल गांधी के पास मलेशिया में छुट्टी मनाने का समय है, लेकिन एक आधिकारिक संवैधानिक कार्यक्रम के लिए नहीं. राहुल गांधी भारत के लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं."

कांग्रेस ने किया बचाव

हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों का जवाब दिया है. पार्टी की तरफ से यह बताया गया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समारोह में मौजूद थे. वहीं, राहुल गांधी के न आने की वजह उनका गुजरात में एक पार्टी कार्यक्रम के लिए यात्रा करना बताया जा रहा है.

कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि विपक्ष के नेता को हर कार्यक्रम में शामिल होना ही पड़े. उन्होंने कहा, "पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष वहां थे. असल में तो बीजेपी संविधान से नफरत करती है और उसे कमजोर कर रही है. राहुल गांधी तो संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं."

विपक्ष पर दूसरे दलों ने भी साधा निशाना

बीजेपी के अलावा, एनडीए की सहयोगी शिवसेना ने भी समारोह से दूर रहने वाले विपक्षी नेताओं की आलोचना की. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि संवैधानिक कार्यक्रमों पर विपक्ष को राजनीति नहीं करनी चाहिए.

पहले भी हो चुका है ऐसा

दिलचस्प बात यह है कि 2022 में जब जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, तब भी ज्यादातर विपक्षी नेता समारोह में नहीं आए थे. स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने वाले धनखड़ आज के समारोह में मौजूद थे.

आपको बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सीपी राधाकृष्णन को पद की शपथ दिलाई. उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया था.