Bihar Assembly Election 2020: बिहार में नीतीश कुमार के बयान के बाद NRC को लेकर सियासी पारा गरमाया, धर्मेंद्र प्रधान ने सीएम के बयान को किया खारिज
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के लिए सिर्फ अंतिम चरण का मतदान जारी है. यही कारण है कि पुलवामा, पाकिस्तान, आर्टिकल 370 के बाद अब सीएए-एनआरसी को लेकर सूबे का सियासी पारा चढ़ गया जय. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने मुस्लिम बहुल इलाके सीमांचल में एक बयान देते हुए कहा कि कुछ लोग दुष्प्रचार और ऐसी फालतू बातें कर रहे हैं कि लोगों को देश के बाहर कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी लोग हिन्दुस्तान के हैं, कौन बाहर करेगा?
नई दिल्ली, 5 नवंबर. बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Election 2020) के लिए सिर्फ अंतिम चरण का मतदान जारी है. यही कारण है कि पुलवामा (Pulwama), पाकिस्तान (Pakistan), आर्टिकल 370 (Article 370) के बाद अब सीएए-एनआरसी (CAA-NRC) को लेकर सूबे का सियासी पारा चढ़ गया जय. बिहार के सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मुस्लिम बहुल इलाके सीमांचल में एक बयान देते हुए कहा कि कुछ लोग दुष्प्रचार और ऐसी फालतू बातें कर रहे हैं कि लोगों को देश के बाहर कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी लोग हिन्दुस्तान के हैं, कौन बाहर करेगा?. इसी बयान पर अब सियासत शुरू हो गई है. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Union Minister Dharmendra Pradhan) से इसपर प्रतिक्रिया देते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है.
धर्मेंद्र प्रधान ने नीतीश के बयान पर कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक के भारत छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है. लेकिन विश्व स्तर पर सभी देश अपने देश में रहने वाले नागरिकों और विदेशियों की पहचान कर रहे हैं. इसलिए भारत ने भी हाल ही में इस अभ्यास को शुरू किया है. यह भी पढ़ें-Bihar Assembly Election 2020: केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने तेजस्वी यादव पर कसा तंज, कहा- आठवीं पास 'युवराज' बिहार का विकास नहीं, सिर्फ विनाश कर सकते हैं
ANI का ट्वीट-
वहीं दूसरी तरफ बिहार में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी अपनी हर रैली में नागरिकता कानून-एनआरसी का मुद्दा हर जगह उठा रहे हैं. ओवैसी अपनी रैली में सीएए-एनआरसी का मुद्दा उठाकर केंद्र की मोदी सरकार और नीतीश कुमार को आड़े हाथ ले रहे हैं.