Fact Check: बिहार में कुत्ते ने बनवाया अपना निवास प्रमाण पत्र? सर्टिफिकेट पर नाम रखा 'डॉग बाबू', राजस्व अधिकारी ने किए डिजिटल सिग्नेचर
बिहार में इन दिनों चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. इसी सिलसिले में लोग बड़ी संख्या में आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों का रुख कर रहे हैं.
Bihar Dog Name Residence Certificate Fraud: बिहार में इन दिनों चुनाव आयोग की तरफ से मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. इसी सिलसिले में लोग बड़ी संख्या में आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों का रुख कर रहे हैं. लेकिन इस प्रक्रिया के बीच पटना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल, मसौढ़ी अंचल कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया जब RTPS पोर्टल से एक ऐसा निवास प्रमाण पत्र जारी हुआ, जिसमें नाम लिखा था, 'डॉग बाबू'. इतना ही नहीं, निवास प्रमाणपत्र में पिता का नाम था कुत्ता बाबू और मां का नाम कुतिया देवी दर्ज था.
ये सब सुनकर लग सकता है कि कोई मजाक हो रहा है, लेकिन ये प्रमाण पत्र बाकायदा सरकारी पोर्टल से जारी हुआ है और उस पर राजस्व पदाधिकारी की डिजिटल सिग्नेचर भी लगी हुई है.
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पटना में सामने आया चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा
अपनी आँखों से देख लीजिए!
बिहार में 24 जुलाई को एक कुत्ते ने आवास प्रमाण पत्र बनवा लिया। यह वही प्रमाणपत्र है जिसे बिहार में SIR में मान्य किया जा रहा है, जबकि आधार और राशन कार्ड को फ़र्ज़ी बताया जा रहा है।
आप ख़ुद फ़ोटो और नाम जाँच लीजिए:
‘डॉग बाबू', पिता का नाम 'कुत्ता बाबू',… pic.twitter.com/ZBOvrgqIyq
— Yogendra Yadav (@_YogendraYadav) July 27, 2025
SIR के दौरान बढ़ी आवासीय प्रमाण पत्र की मांग
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या सुधार करवाने के लिए लोगों को आवासीय प्रमाण पत्र की जरूरत होती है. इसी वजह से हाल के दिनों में आवेदनों की संख्या में भारी उछाल आया है. इसी भीड़ में किसी ने सिस्टम की कमजोरी का फायदा उठाकर इस तरह की हरकत कर दी.
प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ करके बदला डिटेल
इस मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब RTPS पोर्टल पर उसी प्रमाण पत्र की संख्या से जुड़े दस्तावेज को जब सर्च किया गया, तो वह दिल्ली की एक महिला के असली डॉक्यूमेंट से लिंक हो रहा था. यानी, किसी ने आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ कर के नाम और विवरण बदल दिए और सरकारी सिस्टम को धोखा दे दिया.
बड़ी बात ये है कि बिना डोंगल के डिजिटल सिग्नेचर नहीं लग सकते. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि अधिकारी का डोंगल किसने और कैसे इस्तेमाल किया? कहीं अंदरखाने मिलीभगत तो नहीं?
आरोपी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे मामले पर अंचलाधिकारी प्रभात रंजन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ये केवल एक घटिया मजाक नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का गंभीर मामला है. दोषी चाहे कोई भी हो, RTPS या राजस्व विभाग का कर्मचारी – उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी.
मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि हर आवेदन को गहराई से जांचा जाए और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आए तो तुरंत कार्रवाई हो.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2025 10:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

