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PM Modi New Zealand Visit: चंद्रयान-3 की सफलता में न्यूज़ीलैंड की तकनीक का भी योगदान, ऑकलैंड में बोले प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रयान-3 मिशन की सफलता में न्यूज़ीलैंड के स्पेस सेक्टर और उसकी तकनीक का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है.

PM Modi New Zealand Visit: चंद्रयान-3 की सफलता में न्यूज़ीलैंड की तकनीक का भी योगदान, ऑकलैंड में बोले प्रधानमंत्री मोदी

PM Modi New Zealand Visit: न्यूज़ीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के ऐतिहासिक चंद्रयान-3 मिशन की सफलता में न्यूज़ीलैंड के स्पेस सेक्टर और उसकी तकनीक का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि जब चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग की थी, तब पूरे न्यूज़ीलैंड में भी खुशी का माहौल था.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "जब भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरा था, तब पूरे न्यूज़ीलैंड में जश्न मनाया जा रहा था. उस दिन हम सभी को गर्व महसूस हुआ. लेकिन मैं आपको गर्व करने की एक और वजह बताना चाहता हूं. इस सफलता में न्यूज़ीलैंड की तकनीक का भी योगदान रहा है."

भारत-न्यूज़ीलैंड के बीच बढ़ रहा है अंतरिक्ष सहयोग

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र दोनों देशों के बीच सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है. उन्होंने बताया कि न्यूज़ीलैंड की स्पेस कंपनियों ने कई मौकों पर भारत के साथ मिलकर काम किया है और भविष्य में इस सहयोग को और मजबूत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्पेस सेक्टर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखता है.

 

पीएम मोदी ने चंद्रयान-3 की सफलता में सहयोग के लिए न्यूज़ीलैंड के स्पेस सेक्टर को श्रेय दिया

चंद्रयान-3 ने रचा था इतिहास

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा लॉन्च किया गया चंद्रयान-3 मिशन 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरा था. इस उपलब्धि के साथ भारत चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बना था. वहीं, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक पहुंचने वाला भारत पहला देश बना.

तेजी से बढ़ रही है भारत की स्पेस इकोनॉमी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की स्पेस इकोनॉमी आने वाले वर्षों में तेज़ी से विस्तार करेगी. वर्तमान में इसका आकार लगभग 8 से 9 अरब डॉलर का है, जो अगले दशक में बढ़कर 40 से 45 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है. उन्होंने कहा कि सरकार के सुधारों, निजी कंपनियों की बढ़ती भागीदारी और इनोवेशन के विस्तार से भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है.

गगनयान मिशन पर भी दुनिया की नजर

प्रधानमंत्री ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता और आगामी गगनयान मिशन ने भारत को दुनिया के अग्रणी अंतरिक्ष देशों की कतार में खड़ा कर दिया है. आज भारत अंतरिक्ष तकनीक का उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, परियोजनाओं की निगरानी और जनसेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कर रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2026 06:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).