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पीएम मोदी के 'हनुमान' चिराग पासवान फिर बने लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, क्या हैं इसके मायने

केंद्रीय मंत्री और बिहार की हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद चिराग पासवान को एक बार फिर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. रांची में आयोजित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया.

पीएम मोदी के 'हनुमान' चिराग पासवान फिर बने लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष, क्या हैं इसके मायने
Credit -ANI

नई दिल्ली, 25 अगस्त : केंद्रीय मंत्री और बिहार की हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद चिराग पासवान को एक बार फिर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. रांची में आयोजित पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया. लोक जनशक्ति पार्टी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री सह हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद आदरणीय चिराग पासवान को राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में पुनः लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं. पार्टी को आपके कुशल नेतृत्व पर पूर्ण भरोसा है साथ ही पार्टी आपके मार्गदर्शन में एक नई ऊंचाई हासिल करेगी."

चिराग पासवान को एक बार फिर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने के कई राजनीतिक मायने निकलकर सामने आ रहे हैं. यह फैसला कहीं न कहीं पार्टी में एकता और स्थिरता की ओर इशारा कर रहा है. चिराग पासवान के नेतृत्व में पार्टी को मजबूती मिलेगी. इस फैसले से बिहार ही नहीं देशभर में पार्टी का विस्तार संभव है. इसके अलावा चिराग पासवान की राजनीतिक स्थिति मजबूत होगी और पार्टी में मतभेदों को खत्म करने में मदद मिलेगी. यह भी पढ़ें : PM Modi on Women’s Safety: महिलाओं पर अत्याचार करने वालों को मिलेगी कठोर सजा, कोलकाता रेप केस पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

यह फैसला न सिर्फ चिराग पासवान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाएगी. बल्कि, इस फैसले से पार्टी एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है. पार्टी के लोगों का जिस तरह का भरोसा पार्टी प्रमुख स्वर्गीय राम विलास पासवान पर था वैसा ही भरोसा चिराग पासवान को लेकर भी पार्टी के नेताओं के बीच बनेगी.

आपको बताते चलें कि चिराग पासवान के पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद उनकी पार्टी में कलह हो गई थी. उनके चाचा पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान के बीच कलह खुलकर सामने आई थी. पशुपति कुमार पारस पर पार्टी को तोड़ने का आरोप भी चिराग पासवान ने लगाया था. इसके बाद चिराग ने पार्टी को फिर से मजबूत किया और हाल में हुए लोकसभा चुनाव में उनके गुट को 5 सीट मिली और उन्होंने सभी सीटों पर जीत दर्ज की. दूसरी तरफ, उनके चाचा पशुपति पारस को एक भी सीट नहीं दी गई थी. राजनीति के जानकार बताते हैं कि लोकसभा चुनाव के सभी सीट पर जीत और अब एक बार फिर पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चिराग की बड़ी जीत है, इससे राजनीति में उनका कद और ऊंचा होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2024 04:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).