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प्रधानमंत्री मोदी ने नानाजी देशमुख को दी श्रद्धांजलि, ग्रामीण विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 'भारत रत्न' नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर उन्होंने देश के ग्रामीणों, विशेषकर वंचित समाज के सशक्तिकरण के लिए उनके समर्पण और सेवा भाव के लिए नानाजी देशमुख को याद किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "महान नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि.

प्रधानमंत्री मोदी ने नानाजी देशमुख को दी श्रद्धांजलि, ग्रामीण विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान को किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credits: X)

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को 'भारत रत्न' नानाजी देशमुख (Nanaji Deshmukh) को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर उन्होंने देश के ग्रामीणों, विशेषकर वंचित समाज के सशक्तिकरण के लिए उनके समर्पण और सेवा भाव के लिए नानाजी देशमुख को याद किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "महान नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि. वे एक दूरदर्शी समाज सुधारक, राष्ट्र निर्माता और आत्मनिर्भरता व ग्रामीण सशक्तिकरण के आजीवन समर्थक थे. उनका जीवन समर्पण, अनुशासन और समाज सेवा की प्रतिमूर्ति था." इस मौके पर पीएम मोदी ने अपने भाषण का एक छोटा-सा अंश भी शेयर किया है, जिसमें वे नानाजी देशमुख के योगदान के बारे में बता रहे थे.

उन्होंने अपने भाषण में कहा था, "नानाजी देशमुख जीवन भर देश के लिए जीए. उन्होंने दीनदयाल रिसर्च इंस्टीट्यूट के माध्यम से 'देश के लिए जीना सीखो' और 'देश के लिए कुछ करके रहो' मंत्र के साथ युवा दंपतियों को आमंत्रित किया. सैकड़ों की तादाद में युवा दंपति आगे आए. नाना देशमुख ने उन्हें ग्राम विकास के काम में लगाया. नानाजी देशमुख को मंत्रिपरिषद के लिए आमंत्रित किया गया, लेकिन जयप्रकाश नारायण के कदमों पर ही नानाजी ने भी मंत्रिपरिषद में जुड़ने से इनकार कर दिया और स्वयं को राजनीतिक जीवन से निवृत करके 60 साल की उम्र के बाद, जब तक वे जीवित रहे, करीब साढ़े 3 दशक तक उन्होंने अपना जीवन चित्रकूट और गोंडा को केंद्रबिंदु बनाकर ग्रामीण विकास के लिए खपा दिया." यह भी पढ़ें : Punjab Rape Case: 12 साल की नाबालिग लड़की से जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म, दो युवकों पर मामला दर्ज, एक गिरफ्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने नानाजी देशमुख का वक्तव्य भी सार्वजनिक किया, जो उन्होंने 20 अप्रैल 1978 में दिया था. पीएम मोदी ने लिखा, "नानाजी देशमुख लोकनायक जेपी से बेहद प्रेरित थे. जेपी के प्रति उनकी श्रद्धा और युवा विकास, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके दृष्टिकोण को जनता पार्टी के महामंत्री रहते हुए उनके की ओर से दिए गए इस संदेश में देखा जा सकता है."

अप्रैल 1978 के अपने वक्तव्य में नानाजी देशमुख ने कहा था, "युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के कार्य में सम्मिलित करने के लिए जरूरत है कि हम राजनीतिज्ञ अपने आचरण के द्वारा यह सिद्ध करें कि सत्ता हमारे लिए साध्य न होकर राष्ट्र निर्माण का एक रचनात्मक साधन है. यह तभी हो सकता है जब हममें से कुछ वरिष्ठ अनुभवी राजनेता स्वेच्छा से सत्ता को त्याग कर रचनात्मक कार्यों में जुटें. एक साधारण राजनीतिक कार्यकर्ता होते हुए भी मेरे मन में यह विचार इतना प्रबल होता जा रहा है कि अब मैं उसे दबा सकने में असमर्थ हूं."

नानाजी ने इस मौके पर राजनीतिक कार्यों से दूर होने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था, "मुझे लगता है कि जीवन के 60 वर्ष पूर्ण कर लेने के बाद भी मैं सिर्फ राजनीतिक कार्य में ही लगा रहूं, यह ठीक नहीं है. अब मुझे अपना शेष जीवन रचनात्मक कार्यों में लगाना चाहिए. हमारा राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए 'समग्र विकास के माध्यम से समग्र क्रान्ति.' अब यही मेरा जीवन व्रत रहेगा. मेरे इस रचनात्मक अभियान का आधार होगा देश की युवाशक्ति. विश्वास है कि इस रचनात्मक पथ पर बढ़ते समय मेरे समस्त सहयोगियों और देश के समस्त नागरिकों का शुभ आशीर्वाद मुझे प्राप्त होता रहेगा."

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2025 10:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).