PM Modi Breakfast Meeting: पीएम मोदी ने एनडीए के नवनिर्वाचित और पहली बार बने लोकसभा सांसदों को ब्रेकफास्ट पर बुलाया; संसदीय कामकाज और क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त 2026 को अपने आधिकारिक आवास पर एनडीए के लगभग 45 नवनिर्वाचित और पहली बार बने लोकसभा सांसदों को नाश्ते पर आमंत्रित किया. बैठक के दौरान संसदीय मर्यादा, युवाओं से जुड़ाव और दिल्ली के राजनीतिक आख्यानों से बचने का मार्गदर्शन दिया गया.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 की सुबह अपने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित सरकारी आवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नवनिर्वाचित और पहली बार बने लोकसभा सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण नाश्ता (Breakfast) बैठक की मेजबानी की.
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नए सांसदों के साथ परिचयात्मक बातचीत करना, संसदीय प्रक्रियाओं की बारीकियों को समझाना और उनके क्षेत्रों के विकास से जुड़े मुद्दों पर रणनीति तैयार करना था. यह भी पढ़ें: PM Modi-Benjamin Netanyahu Phone Call: पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई बातचीत, पश्चिम एशिया की स्थिति और द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा
विभिन्न पृष्ठभूमि और सहयोगी दलों के सांसद हुए शामिल
सूत्रों के अनुसार, इस नाश्ते पर बुलाई गई बैठक में लगभग 45 सांसदों को आमंत्रित किया गया। इनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए सांसदों के साथ-साथ एनडीए के सहयोगी दलों के नवनिर्वाचित सांसद भी शामिल थे.
विशेष रूप से, तृणमूल कांग्रेस (TMC), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCPI), शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और हाल ही में एनडीए का हिस्सा बने विभिन्न क्षेत्रीय दलों के कई नए चेहरे इस संवाद सत्र में उपस्थित रहे.
दिल्ली के 'राजनीतिक मकरजाल' से बचने की सलाह
इससे पहले बुधवार (5 अगस्त) को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा के नवनिर्वाचित और हाल ही में अन्य दलों से भाजपा व एनडीए में शामिल हुए 37 सांसदों के साथ भी इसी प्रकार की ब्रेकफास्ट बैठक की थी.
राज्यसभा और लोकसभा सदस्यों के साथ हुई इन चर्चाओं में प्रधानमंत्री ने कई व्यवहारिक एवं राजनीतिक मंत्र दिए:
- दिल्ली के आख्यानों से दूर रहें: प्रधानमंत्री ने सांसदों को आगाह किया कि वे "दिल्ली के राजनीतिक मकरजाल" (Delhi's Web of Narratives) में न फंसें और अपने क्षेत्र व जनता के प्रति जवाबदेह बने रहें.
- विपक्ष के साथ मर्यादित व्यवहार: पीएम मोदी ने आग्रह किया कि सदन के भीतर या बाहर टीवी कैमरों के सामने अत्यधिक आक्रामक होने के बजाय शांत रहकर और गरिमापूर्ण भाषा में अपनी बात रखें.
- संसद पुस्तकालय का उपयोग: सांसदों को सलाह दी गई कि वे संसद भवन परिसर को एक विश्वविद्यालय की तरह देखें और प्रतिदिन कम से कम 1 से 2 घंटे संसद के पुस्तकालय (Library) में अध्ययन में बिताएं.
- युवाओं और खेल पर ध्यान: सांसदों को अपने 'एमपीलैड' (MPLADS) फंड का एक बड़ा हिस्सा युवाओं के विकास और खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने में खर्च करने को कहा गया.
जनसंपर्क और नियमित संवाद की पहल
संसद के सत्रों के दौरान सांसदों के साथ प्रधानमंत्री की यह ब्रेकफास्ट बैठकें उनकी उस सतत पहल का हिस्सा हैं, जिसके तहत वे सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर समन्वय (Coordination) को मजबूत करते हैं.
सांसदों ने बताया कि इन अनौपचारिक बैठकों से उन्हें प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों से सीखने और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलता है.