पीएम मोदी ने बांटे 65 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड, वर्चुअली जुड़े 12 राज्यों के 50,000 से ज्यादा गांव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 65 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड बांटे. इसमें 12 राज्यों के 50,000 से ज्यादा गांव शामिल हुए. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 5 साल में लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को ये स्वामित्व कार्ड दिए गए हैं.
नई दिल्ली, 18 जनवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 65 लाख स्वामित्व संपत्ति कार्ड बांटे. इसमें 12 राज्यों के 50,000 से ज्यादा गांव शामिल हुए. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 5 साल में लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को ये स्वामित्व कार्ड दिए गए हैं. पीएम मोदी वर्चुअल मोड में इस इवेंट में शामिल हुए. जिन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह कार्ड बांटे गए, उनमें से 230 जिलों के 50 हजार से ज्यादा गांव शामिल हैं.
लाभार्थियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आज का दिन देश के गांवों के लिए, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही ऐतिहासिक है. 5 साल पहले स्वामित्व योजना शुरू की गई थी ताकि गांवों में रहने वालों का उनका कानूनी प्रमाण दिया जा सके. बीते 5 साल में लगभग डेढ़ करोड़ लोगों को ये स्वामित्व कार्ड दिए गए हैं. आज इस कार्यक्रम में 65 लाख से ज्यादा परिवारों को ये स्वामित्व कार्ड मिले हैं. यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र: गर्लफ्रेंड ने बात करना बंद किया तो, गुस्साए बॉयफ्रेंड ने घर की खिड़की से मारी गोली
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने क्लाइमेंट चेंज संबंधी चुनौतियों का भी जिक्र किया. बोले, 21वीं सदी की दुनिया में क्लाइमेट चेंज, पानी की कमी, स्वास्थ्य का संकट, महामारी.. ऐसी कितनी भी चुनौतियां हैं, लेकिन विश्व के सामने एक और बड़ी चुनौती रही है और ये चुनौती है- प्रॉपर्टी राइट्स की.कई साल पहले संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया के अनेक-अनेक देशों में भू-संपत्ति को लेकर एक स्टडी की थी. इस स्टडी में सामने आया कि दुनिया के अनेक देशों में लोगों के पास प्रॉपर्टी के पक्के कानूनी दस्तावेज है ही नहीं. संयुक्त राष्ट्र ने साफ कहा कि अगर गरीबी कम करनी है तो इसके लिए प्रॉपर्टी राइट्स होना बहुत जरूरी है.
बता दें, स्वामित्व योजना अप्रैल 2020 में शुरू हुई थी. जिसका पूरा नाम सर्वे ऑफ विलेजेस एंड मैपिंग विद इम्प्रोवाइज्ड टेक्नोलॉजी इन विलेजेस एरिया है. इसका उद्देश्य ग्रामीणों को संपत्तियों का मालिकाना हक दिलवाना है. अब तक 31 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस योजना में शामिल हो चुके हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2025 02:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

