पीयूष गोयल ने कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री को बेस्ट प्रैक्टिस अपनाने की दी सलाह
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री से सस्टेनेबिलिटी में बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाने, क्लीन और ग्रीन कंस्ट्रक्शन पर ध्यान केंद्रित करने और भूकंपरोधी एवं मॉड्यूलर इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में काम करने का सलाह दी.
नई दिल्ली, 13 अप्रैल : केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री से सस्टेनेबिलिटी में बेस्ट प्रैक्टिस को अपनाने, क्लीन और ग्रीन कंस्ट्रक्शन पर ध्यान केंद्रित करने और भूकंपरोधी एवं मॉड्यूलर इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में काम करने का सलाह दी.
राष्ट्रीय राजधानी में कैपेक्सिल के वाइब्रेंट बिल्डकॉन 2025 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "हमें साहसिक लक्ष्य निर्धारित करने होंगे, यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे श्रमिकों को उचित वेतन मिले और निरंतर इनोवेशन होते रहें. इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए - भारत ग्रोथ, इनोवेशन और समावेशी विकास में दुनिया का नेतृत्व करेगा." उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट बिल्डकॉन तेज शहरीकरण, सभी के लिए आवास और लॉजिस्टिक्स में बदलाव को सपोर्ट करने की देश की क्षमता का एक उदाहरण है. यह भी पढ़ें : CM ‘ममता बनर्जी को रियल टाइम एक्शन फिल्में देखने का शौक’, बंगाल में वक्फ कानून के विरोध पर बोले अनिल विज
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "यह मंच हमारी मैन्युफैक्चरिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर की ताकत को प्रदर्शित करता है, जो वैश्विक निवेश को आकर्षित करने और लॉजिस्टिक लागत को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है." उन्होंने कंस्ट्रक्शन इकोसिस्टम में भारत की बढ़ती ताकत पर कहा कि वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) से लेकर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग तक सब 'मेक इन इंडिया' के तहत हो रहा है. उन्होंने हाउसिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर, कमर्शियल रियल एस्टेट, रेलवे, एयरपोर्ट्स, हाइवे और एनर्जी जैसे प्रमुख क्षेत्रों के महत्व को बताया.
केंद्रीय मंत्री ने कहा,"सीमेंट और बिजली के उपकरणों से लेकर सिक्योरिटी सिस्टम्स और ऑटोमेशन तक हर घटक इस इकोसिस्टम में अपनी भूमिका निभाता है." उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हुआ है, जिसमें भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे विश्व स्तरीय सम्मेलन केंद्रों शामिल हैं, दोनों का निर्माण महामारी के दौरान किया गया.
उन्होंने आगे, "मौजूदा समय में भारत 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और इसे 2047 तक 30-35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर नागरिक को योगदान देना आवश्यक है." केंद्रीय मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, महामारी के चरम के दौरान भी, भारत ने गरीबों को भोजन कराने और लाखों लोगों को अभाव से बाहर निकालने के अपने मिशन को जारी रखा."
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2025 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

