टोरंटो/नई दिल्ली, 28 मई: भारत और कनाडा (India and Canada) के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए दोनों देश पूरी तरह तैयार हैं. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री (Union Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कनाडा की अपनी तीन दिवसीय ऐतिहासिक और अत्यधिक उत्पादक यात्रा के समापन पर घोषणा की है कि दोनों सरकारें साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान के लगभग 8.5 अरब डॉलर से बढ़ाकर 50 अरब डॉलर (USD 50 Billion) करने के साझा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पीयूष गोयल ने टोरंटो में शिक्षाविदों, इनोवेटर्स, सरकारी अधिकारियों, बिजनेस काउंसिलों, संस्थागत निवेशकों और भारतीय प्रवासियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकों की एक लंबी श्रृंखला में भाग लिया. यह भी पढ़ें: 'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है': इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने हिंदी मुहावरे से किया पीएम मोदी का स्वागत, वीडियो वायरल
100 से अधिक भारतीय कंपनियों के सबसे बड़े प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व
भारत-कनाडा आर्थिक संबंधों को पूरी तरह से पुनर्जीवित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय मंत्री ने इस यात्रा के दौरान अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जिसमें 100 से अधिक शीर्ष भारतीय कंपनियों के उद्योगपति शामिल थे. यह तीन दिवसीय दौरा 25 मई को ओटावा से शुरू हुआ था और 26 से 28 मई तक टोरंटो में जारी रहा. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना और विशेष रूप से 'भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते' (CEPA) के लिए चल रही बातचीत की गति को तेज करना था.
वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते नेतृत्व और सुधारों पर चर्चा
अपनी टोरंटो यात्रा के दौरान, पीयूष गोयल ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सार्वजनिक नीति के अध्ययन के लिए दुनिया के अग्रणी संस्थानों में से एक, यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के 'मंक स्कूल ऑफ ग्लोबल अफेयर्स एंड पब्लिक पॉलिसी' में संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और छात्रों को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की तीव्र आर्थिक प्रगति, परिवर्तनकारी सुधारों और वैश्विक मंच पर देश के बढ़ते नेतृत्व को रेखांकित किया. उन्होंने भारत और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश और जन-साधारण के बीच संबंधों (people-to-people ties) को मजबूत करने के लिए शिक्षाविदों, उद्योग जगत और नीति निर्माताओं के बीच गहरे जुड़ाव की आवश्यकता पर बल दिया.
एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्टार्टअप्स में साझेदारी की अपार संभावनाएं
तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, केंद्रीय मंत्री ने 'ओंटारियो सेंटर ऑफ इनोवेशन' (OCI) का दौरा किया, जहां उन्हें नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप्स का समर्थन करने और उद्योग-अकादमिक-सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करने की पहलों के बारे में जानकारी दी गई. इसके साथ ही, उन्होंने 'कनाडा-इंडिया टेक कनेक्ट' के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर सार्थक चर्चा की। गोयल ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कनाडा इन उच्च विकास वाले क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है. उन्होंने एआई, क्लीनटेक, एग्रीटेक और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की पूरक शक्तियों का उपयोग करने की बात कही.
ओंटारियो के प्रीमियर से मुलाकात; रणनीतिक क्षेत्रों पर बनी सहमति
व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देने और निवेश प्रवाह को गति देने के लिए पीयूष गोयल ने भारत-कनाडा कॉरिडोर में काम करने वाले क्षेत्रीय चैंबर्स के प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की और उनसे रचनात्मक सुझाव प्राप्त किए. यात्रा के अंतिम चरण में, उन्होंने ओंटारियो के प्रीमियर डौग फोर्ड (Doug Ford) से मुलाकात की और भारत तथा ओंटारियो के बीच सहयोग को गहरा करने के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की. दोनों नेताओं ने विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे, स्वच्छ ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते तलाशने के साथ-साथ द्विपक्षीय व्यापार और निवेश साझेदारी को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया.













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