Kerala Tragedy: केरल के मलप्पुरम जिले में सोमवार, 13 जुलाई को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां एक तीन साल का बच्चा स्नेक्स मिक्सचर (नमकीन) खा रहा था, तभी अचानक उसमें मौजूद एक मूंगफली का दाना उसके गले में फंस गया. दम घुटने के कारण मासूम की मौत हो गई. यह घटना वेंगारा के कुन्नुमपुरम इलाके की है. स्थानीय पुलिस ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है.
गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया
मृतक बच्चे की पहचान मोहम्मद रिजान के रूप में हुई है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना के समय बच्चा अपने घर पर नमकीन खा रहा था, जिसमें कई तरह के तले हुए मेवे और सामग्रियां शामिल थीं. इसी दौरान एक मूंगफली का दाना उसके श्वसन मार्ग में अटक गया. यह भी पढ़े: Kerala: वायनाड लैंडस्लाइड हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई, 1 अब भी लापता; सुरंग परियोजना को लेकर छिड़ा सियासी घमासान
गले में दाना फंसने के तुरंत बाद बच्चे को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और वह बेहोश हो गया. घबराए परिजन उसे तुरंत पास के कुन्नुमपुरम स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. मंजेरी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद, बच्चे के पार्थिव शरीर को कुन्नुमपुरम जुमा मस्जिद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया.
विशेषज्ञों ने जताई चिंता, माता-पिता को दी सलाह
इस हृदयविदारक घटना ने छोटे बच्चों में चोकिंग (गले में खाना या वस्तु फंसना) के खतरों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है. बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि चार साल से कम उम्र के बच्चों का श्वसन मार्ग (Airway) काफी छोटा होता है. साथ ही इस उम्र में भोजन को पूरी तरह चबाकर निगलने की उनकी क्षमता भी पूरी तरह विकसित नहीं होती है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे छोटे बच्चों को साबुत मेवे, पॉपकॉर्न, अंगूर और सख्त कैंडीज (टॉफी) जैसी चीजें देते समय अत्यधिक सावधानी बरतें. ऐसी खाद्य सामग्रियां बच्चों के गले में आसानी से फंस सकती हैं. डॉक्टरों का सुझाव है कि छोटे बच्चों को ऐसी चीजें बेहद बारीक टुकड़ों में काट कर ही दी जानी चाहिए, या फिर शुरुआती सालों में इनसे परहेज करना ही बेहतर है. इसके साथ ही भोजन करते समय बच्चों पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी है.













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