वर्धा (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के वर्धा (Wardha) जिले से एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली आपराधिक वारदात सामने आई है. जिले के सावंगी (मेघे) पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रोठा गांव में बुधवार, 15 जुलाई 2026 की शाम को एक 12 वर्षीय नाबालिग लड़की (Minor Girl) का शव उसके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ. पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) (दुष्कर्म) किया गया था और उसके बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई. इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भारी जन-आक्रोश को जन्म दे दिया है. यह भी पढ़ें: Bantwal: मैंगलुरु के बंटवाल में बस स्टैंड पर युवती की सरेआम धारदार हथियार से काटकर हत्या, एकतरफा प्यार का शक
स्कूल से लौटने के बाद वारदात को दिया अंजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मूल रूप से यवतमाल जिले के दारव्हा तालुका का रहने वाला यह पीड़ित परिवार रोठा गांव में एक खेत में मजदूरी करके अपना गुजारा करता है. मृतका जिला परिषद स्कूल की छात्रा थी. बुधवार दोपहर करीब 3 बजे वह स्कूल से लौटकर घर आई थी.
शाम करीब 6 बजे जब उसकी मां और बड़ी बहन काम खत्म करके घर लौटीं, तो उन्होंने देखा कि मासूम का शव घर के भीतर खून से लथपथ पड़ा हुआ था और उसका सिर पूरी तरह कुचला हुआ था. घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया गया. पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया भारी पत्थर (बोल्डर) बरामद कर लिया है.
BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज; पड़ोसी मजदूर गिरफ्तार
वर्धा के पुलिस अधीक्षक (SP) सौरभ कुमार अग्रवाल ने बताया कि पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म, यौन हिंसा और घर में अनधिकृत प्रवेश के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज की थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद, पुलिस ने 30 वर्षीय राहुल राजू मडावी (Rahul Raju Madavi) को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी राहुल एक शेतमजूर (खेत मजदूर) है, जो पीड़ित परिवार के घर से सटे हुए पड़ोसी खेत में काम करता था.
वर्धा में 12 साल की लड़की मृत पाई गई
Wardha, Maharashtra: Amid widespread public outrage over the alleged rape and murder of a minor, MP Amar Kale rushed to the hospital and met the victim's family and protesting locals, while urging strict action by the police administration. The victim's family agreed to accept… pic.twitter.com/PErB1Z4SWY
— IANS (@ians_india) July 16, 2026
जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन
इस नृशंस हत्याकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र के ग्रामीण गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर के निर्देश पर 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है. इसके अलावा, आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की 14 विशेष टीमें विभिन्न क्षेत्रों में तैनात की गई थीं.
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पीड़िता की मेडिकल और फॉरेंसिक (Post-Mortem) जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट का इंतजार है. पुलिस इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-track court) में चलाने की सिफारिश करने जा रही है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके.
न्याय की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जब बच्ची का शव परिजनों को सौंपा जाने लगा, तो अस्पताल के बाहर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. गुस्साए परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने शुरू में शव लेने से इनकार कर दिया और वर्धा जिला सामान्य अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मामले की सुनवाई जल्द पूरी कर आरोपी को तत्काल मृत्युदंड (फांसी की सजा) दी जाए. स्थानीय जन प्रतिनिधियों (सांसद अमर काले और विधायक राजेश बकाने) तथा पुलिस अधिकारियों की मध्यस्थता और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद नागरिकों ने जाम हटाया. एहतियात के तौर पर गांव और अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.













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