Palghar Child Marriage-Trafficking Case: मुंबई से सटे पालघर जिले के वाडा तालुका में कटकरी जनजाति की एक 16 वर्षीय आदिवासी लड़की के साथ बाल विवाह और जबरन तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मात्र 14 साल की उम्र में उसे ₹50,000 में एक व्यक्ति को ‘पत्नी’ के रूप में बेच दिया गया. पीड़िता को बेटी होने पर उसे प्रताड़ित किया जानें लगा और घर से निकाल दिया गया.
पति और दलाल गिरफ्तार
मामले की शिकायत के बाद वाडा पुलिस ने पीड़िता के पति जीवन गडे और दलाल रवि कृष्ण कोरे को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. इसमें पति, सास-ससुर, दलाल और दो अज्ञात शामिल हैं. यह भी पढ़े: बाल विवाह, बहुविवाह और दहेज प्रथा की कुरीतियों पर प्रहार है सामूहिक विवाह योजना: मुख्यमंत्री योगी
इन धारों में केस दर्ज
इनके खिलाफ POCSO अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 (संशोधित 2015), और IPC की धाराएं — 376(2)(N) (बार-बार बलात्कार), 370 (मानव तस्करी), 468 (फर्जीवाड़ा), 498A (क्रूरता), 323, 504, 506, और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
फर्जी आधार कार्ड बनवाकर छिपाई गई उम्र
पीड़िता के अनुसार, शादी के समय वह नाबालिग थी, लेकिन उसके पति ने उसका आधार कार्ड फर्जी तरीके से बदलवाकर जन्मतिथि अक्टूबर 2003 दर्ज करवा दी, ताकि बाल विवाह को वैध दिखाया जा सके. उसने यह भी बताया कि पति उसे बार-बार प्रताड़ित करता था, बेटा न होने पर गाली-गलौज करता और कहता, मैंने तुझे ₹50,000 में खरीदा है, अपने मां-बाप से पैसे वापस मागकर लाओ. पीड़िता का आरोप है कि बच्ची के पैदा होने के बाद कई दिन प्रताड़ित करने के बाद उसे और उसकी नवजात बेटी को घर से निकाल दिया गया.
NGO ने की मदद
यह मामला तब सामने आया जब श्रमजीवी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पीड़िता को वाडा पुलिस स्टेशन के बाहर रोते बिलखते हुए देखा. लड़की ने कहा, “मुझे घर से निकाल दिया गया है, मुझे न्याय चाहिए. इसके बाद संगठन ने पुलिस के पास पहुंचकर FIR दर्ज करवाई और जिला प्रशासन को इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया, जिसमें ग्राम सेवक, पुलिस पाटिल, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और PESA प्रतिनिधि शामिल हैं.













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