Palghar Cobra Bite Incident: पालघर में चादर के ऊपर से नाग के डसने से 8 वर्षीय बच्ची की मौत; पिता सांप पकड़ने का काम करते हैं
महाराष्ट्र के पालघर में चादर पर बैठकर मोबाइल देख रही 8 वर्षीय बच्ची को भारतीय नाग (कोबरा) ने डस लिया. पालघर सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई.
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Palghar Cobra Bite Incident: महाराष्ट्र के पालघर जिले के वरकुंटी गांव में एक दुखद हादसा सामने आया है, जहां भारतीय नाग (इंडियन स्पेक्टैकल्ड कोबरा) के डसने से 8 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतका की पहचान श्रावणी अक्षय मंडल के रूप में हुई है. यह घटना रविवार, 3 अगस्त की दोपहर की है, जब श्रावणी अपने घर में गद्दे पर लेटी हुई अपनी बड़ी बहन के साथ मोबाइल फोन पर वीडियो देख रही थी.
बेडशीट के ऊपर से सांप ने काटा
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, श्रावणी और उसकी नौ वर्षीय बहन आराध्या गद्दे पर आराम कर रही थीं, तभी एक विषैले नाग ने चादर के ऊपर से ही श्रावणी को डस लिया. दंश के तुरंत बाद बच्ची को अंदाजा नहीं हुआ कि उसे सांप ने काटा है. कुछ समय बाद जब उसे चक्कर आने लगे और असहज महसूस होने लगा, तब उसने अपनी दादी को इसकी जानकारी दी.
घटना की सूचना मिलने पर पास के खेत में काम कर रहे उसके पिता घर पहुंचे. परिवार को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन का प्रबंध करने में थोड़ा समय लगा. पालघर सरकारी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में बच्ची को उल्टी होने लगी. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. घटना के वक्त पास में मौजूद उसकी बड़ी बहन आराध्या पूरी तरह सुरक्षित है.
पिता ने पूर्व में सर्प मित्र होने पर दी सफाई
श्रावणी के पिता अक्षय मंडल पूर्व में एक सर्प मित्र (स्नेक रेस्क्यूअर) के रूप में कार्य कर चुके हैं. इस घटना के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने लगभग छह महीने पहले ही सांपों को रेस्क्यू करने का काम बंद कर दिया था. इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि जिस कोबरा ने बच्ची को काटा, वह उनके द्वारा पकड़ा गया या घर में रखा गया सांप नहीं था.
सोशल मीडिया पर असुरक्षित कंटेंट को लेकर चेतावनी
इस घटना के बाद वन्यजीव विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया पर बच्चों और गैर-प्रशिक्षित लोगों द्वारा जहरीले सांपों को संभालने वाले वीडियो पर गहरी चिंता व्यक्त की है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार का कंटेंट सुरक्षा और वैज्ञानिक तरीकों को नजरअंदाज कर केवल ऑनलाइन व्यूज और कमाई को प्राथमिकता देता है, जिससे लोग ऐसे जोखिम भरे व्यवहार का अनुकरण करने लगते हैं.
स्नेकबाइट हीलिंग एंड एजुकेशन सोसाइटी की अध्यक्ष और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की विशेषज्ञ प्रियंका कदम ने कहा कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत बिना आधिकारिक अनुमति के वन्यजीवों को पकड़ना या संभालना गैरकानूनी है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले स्टंट वीडियो से प्रेरित होकर छोटे बच्चों का ऐसे जोखिम में शामिल होना चिंताजनक है. यह घटना वन्यजीव कानूनों के सख्त क्रियान्वयन और जन जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 04, 2026 02:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

