Pahalgam Terror Attack Case: पहलगाम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को कोर्ट का समन भेजेगी NIA, MEA के जरिए पाकिस्तान तक पहुंचेगा नोटिस

हाफिज सईद को भेजा जाने वाला यह समन कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यदि वह अदालत में पेश नहीं होता, तो सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अदालत उसके खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने पर फैसला ले सकती है. फिलहाल NIA राजनयिक माध्यमों से समन भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, जबकि पहलगाम आतंकी हमले की जांच जारी है.

Pahalgam Terror Attack Case:  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) वर्ष 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के मामले में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक हाफिज सईद को अदालत का समन भेजने की तैयारी कर रही है. यह समन विदेश मंत्रालय (MEA) के जरिए राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान भेजा जाएगा. समन में पाकिस्तान में मौजूद हाफिज सईद को जम्मू स्थित विशेष NIA अदालत में पेश होने का निर्देश दिया जाएगा. इससे पहले अदालत हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी कर चुकी है. NIA ने उसे इस आतंकी हमले का प्रमुख साजिशकर्ता बताया है. यह भी पढ़ें: Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों की बढ़ी मुश्किलें, देशभर में झेलना पड़ रहा गुस्सा

पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय नागरिक शामिल थे. इस मामले की जांच पहले पहलगाम पुलिस ने शुरू की थी, लेकिन बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसे NIA को सौंप दिया. अब एजेंसी कानूनी प्रक्रिया के तहत हाफिज सईद की अदालत में मौजूदगी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है.

MEA के जरिए पाकिस्तान भेजा जाएगा समन

हाफिज सईद पाकिस्तान में होने के कारण NIA सीधे उसे समन नहीं भेज सकती. इसलिए विदेश मंत्रालय के माध्यम से राजनयिक चैनलों का उपयोग किया जाएगा. यदि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी हाफिज सईद अदालत में पेश नहीं होता है, तो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 356 के तहत अदालत उसके बिना भी मुकदमे की सुनवाई (Trial in Absentia) शुरू कर सकती है.

पूरक चार्जशीट में आरोपी बनाया गया हाफिज सईद

NIA ने जुलाई में दाखिल अपनी पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद को आरोपी बनाया था. एजेंसी ने उसे व्यक्तिगत रूप से और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा तथा उसके प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के रूप में नामजद किया है.

चार्जशीट में NIA ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, आपराधिक साजिश रचने और पहलगाम हमले की योजना पाकिस्तान से तैयार किए जाने का आरोप लगाया है. एजेंसी का दावा है कि हमले की व्यापक साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और हाफिज सईद ने इसमें अहम भूमिका निभाई. हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी के हैं और इनकी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी.

चार्जशीट में क्या है खास?

NIA की पूरक चार्जशीट उसकी 1,597 पन्नों की मूल चार्जशीट का विस्तार है. इसमें एजेंसी ने पाकिस्तान से जुड़े कथित षड्यंत्र, हाफिज सईद की भूमिका और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों का उल्लेख किया है.

15 दिसंबर 2025 को दाखिल मूल चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित लश्कर आतंकी साजिद जट्ट, ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए तीन आतंकियों, दो गिरफ्तार आरोपियों, लश्कर-ए-तैयबा और TRF को भी आरोपी बनाया गया था.

Trial in Absentia का रास्ता हो सकता है साफ

BNSS की धारा 356 के तहत यदि कोई घोषित अपराधी लगातार न्यायिक प्रक्रिया से बचता है और उसकी गिरफ्तारी की तत्काल संभावना नहीं होती, तो अदालत उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमे की सुनवाई कर सकती है.

ऐसे में हाफिज सईद को भेजा जाने वाला यह समन कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यदि वह अदालत में पेश नहीं होता, तो सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अदालत उसके खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने पर फैसला ले सकती है. फिलहाल NIA राजनयिक माध्यमों से समन भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, जबकि पहलगाम आतंकी हमले की जांच जारी है.

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