One Nation, One Time: केंद्र सरकार ने नोटिफाई किए नए नियम; अब पूरे देश में अनिवार्य होगा 'भारतीय मानक समय'
डिजिटल अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने 'लीगल मेट्रोलॉजी (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) रूल्स, 2026' को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है. नए नियमों के तहत अब सभी कानूनी, प्रशासनिक, वाणिज्यिक और तकनीकी कार्यों के लिए 'भारतीय मानक समय' (IST) को अनिवार्य और एकल संदर्भ समय माना जाएगा.
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नई दिल्ली: देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और डिजिटल नेटवर्क को सुरक्षित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 'वन नेशन, वन टाइम' (One Nation, One Time) नीति को कानूनी अमलीजामा पहना दिया है. केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने लीगल मेट्रोलॉजी (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) रूल्स, 2026 की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है.
इन नए नियमों के लागू होने के साथ ही देश भर में सभी प्रशासनिक, विधिक और वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए भारतीय मानक समय (IST) को अनिवार्य आधिकारिक संदर्भ बना दिया गया है. इसका सीधा उद्देश्य डिजिटल लेन-देन, दूरसंचार नेटवर्क, बिजली ग्रिड और रक्षा प्रणालियों में समय की विसंगतियों (Time Discrepancies) को समाप्त करना है.
क्या है 'वन नेशन, वन टाइम' और नया नियम?
भारत लंबे समय से IST का पालन करता रहा है, लेकिन अब तक इसके उपयोग को अनिवार्य बनाने और सिस्टम्स के सटीक सिंक्रोनाइज़ेशन को लेकर कोई बाध्यकारी कानूनी ढांचा मौजूद नहीं था:
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सीएसआईआर-एनपीएल होगा आधार: नए नियमों के तहत समय का आधिकारिक स्रोत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (CSIR-NPL) और क्षेत्रीय संदर्भ मानक प्रयोगशालाएं (RRSLs) होंगी.
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विदेशी घड़ियों पर निर्भरता खत्म: क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अब असत्यापित बाहरी या विदेशी टाइमिंग सोर्सेज के बजाय भारत के अपने अधिकृत समय स्रोतों से अपने सर्वर और घड़ियां सिंक करनी होंगी.
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लीगल मेट्रोलॉजी विभाग करेगा निगरानी: जैसे नाप-तौल विभाग पेट्रोल पंपों या बाजारों में भार और माप की शुद्धता जांचता है, वैसे ही अब डिजिटल सिस्टम्स में समय की सटीकता की भी वैधानिक जांच की जा सकेगी.
सिस्टम अपग्रेड के लिए 180 दिनों की समयसीमा
सरकार ने सभी संबंधित संस्थानों को नई प्रणाली में शिफ्ट होने के लिए पर्याप्त समय दिया है:
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छह महीने का ट्रांजिशन पीरियड: आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 180 दिनों (लगभग छह महीने) की अवधि दी गई है.
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तकनीकी बदलाव: इस अवधि के दौरान बैंक, वित्तीय नियामक, शेयर बाजार, एयरलाइंस, रेलवे और टेलीकॉम ऑपरेटर्स अपने मौजूदा सॉफ्टवेयर और सर्वर सेटिंग्स का तकनीकी परीक्षण करेंगे और अनुमोदित राष्ट्रीय समय सर्वरों (NTP/PTP) से जुड़ेंगे.
तकनीकी संप्रभुता और NavIC पर बढ़ेगा जोर
इस नीति का मुख्य रणनीतिक लक्ष्य विदेशी उपग्रह नेटवर्कों (जैसे अमेरिकी GPS) पर भारत की निर्भरता को खत्म करना है:
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स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल: महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इसरो के स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम NavIC (Navigation with Indian Constellation) से जोड़ा जाएगा.
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व्हाइट रैबिट टेक्नोलॉजी (White Rabbit): बेंगलुरु स्थित आरआरएसएल में हाल ही में ऑप्टिकल फाइबर आधारित 'व्हाइट रैबिट' तकनीक का सफल परीक्षण किया गया, जो नैनोसेकंड स्तर तक सटीक समय प्रसारण सुनिश्चित करती है.
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साइबर हमलों से सुरक्षा: सैटेलाइट सिग्नलों की स्पूफिंग या सिग्नल जैमिंग जैसी विदेशी साइबर कमजोरियों से देश के बुनियादी ढांचे को पूर्ण सुरक्षा मिलेगी.
किन प्रमुख क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ?
आधुनिक ऑटोमेटेड सिस्टम्स में एक मिलीसेकंड का भी अंतर गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है:
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बैंकिंग और पूंजी बाजार: शेयर बाजार में हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग और डिजिटल वित्तीय भुगतानों में सटीक टाइम-स्टैम्पिंग सुनिश्चित होगी, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और लेन-देन विवादों की जांच आसान होगी.
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पावर ग्रिड और ऊर्जा: राष्ट्रीय पावर ग्रिड में ग्रिड-लोड मैनेजमेंट और तकनीकी फॉल्ट की सटीक पहचान में आसानी होगी.
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दूरसंचार और आईटी: डेटा पैकेट ट्रांसफर में देरी रुकेगी और नेटवर्क सिंक्रनाइज़ेशन मजबूत होगा.
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परिवहन व्यवस्था: रेलवे और विमानन नेटवर्क में सिग्नलिंग और ट्रैकिंग में शून्य त्रुटि सुनिश्चित की जा सकेगी.
आम नागरिकों के लिए इस बदलाव से उनके दैनिक जीवन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उनके स्मार्टफोन और कंप्यूटर सेवा प्रदाताओं (Service Providers) के स्तर पर यह तकनीकी बदलाव पूरा होते ही स्वतः ही प्रमाणित IST से सटीक समय प्राप्त करने लगेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 03, 2026 12:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

