देश

क्या Old Monk अब 'रम' नहीं कहलाएगी? FSSAI ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा- 'Rum-Flavoured Spirit' के नाम से ही बेची जाए

सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नवरोज़ एच. सीरवाई ने अदालत को बताया कि बिक्री पर रोक के कारण कंपनी को पिछले 120 दिनों में प्रतिदिन करीब 1 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

क्या Old Monk अब 'रम' नहीं कहलाएगी? FSSAI ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा- 'Rum-Flavoured Spirit' के नाम से ही बेची जाए

Old Monk Is Not ‘Rum’? देश के सबसे लोकप्रिय शराब ब्रांडों में शामिल Old Monk को अब "रम" के नाम से नहीं बेचा जा सकता. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा है कि यह उत्पाद न्यूट्रल स्पिरिट में रम फ्लेवर मिलाकर तैयार किया जाता है, इसलिए इसे "Rum-Flavoured Spirit" के रूप में ही बेचा और मार्केट किया जाना चाहिए.

क्या है पूरा मामला?

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखाड़ की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है. Old Monk बनाने वाली कंपनी Mohan Rocky Springwater ने नियामक की आपत्तियों के बाद अपने उत्पाद के नए लेबल कोर्ट के समक्ष पेश किए हैं.

FSSAI का कहना है कि विवाद केवल पैकेजिंग पर लिखे शब्दों का नहीं, बल्कि उत्पाद की वास्तविक प्रकृति का है. नियामक के मुताबिक, मौजूदा नियमों के तहत ऐसे उत्पाद को "रम" नहीं कहा जा सकता.

FSSAI ने क्यों उठाई आपत्ति?

FSSAI की लैब जांच में कई लोकप्रिय शराब ब्रांडों में बाहरी कृत्रिम या नेचर-आइडेंटिकल फ्लेवरिंग एजेंट पाए गए थे.

Food Safety and Standards (Alcoholic Beverages) Regulations, 2018 के अनुसार, रम और व्हिस्की जैसे मानकीकृत स्पिरिट्स का स्वाद और खुशबू पारंपरिक डिस्टिलेशन और एजिंग प्रक्रिया से आना चाहिए. यदि न्यूट्रल अल्कोहल बेस में कृत्रिम फ्लेवर मिलाया जाता है, तो उत्पाद को "रम" के रूप में बेचना उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है.

हालांकि FSSAI ने स्पष्ट किया कि यह उत्पाद पीने के लिए सुरक्षित है, लेकिन इसकी सामग्री के आधार पर इसकी श्रेणी अलग होनी चाहिए.

कंपनी को रोजाना 1 करोड़ रुपये का नुकसान

सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नवरोज़ एच. सीरवाई ने अदालत को बताया कि बिक्री पर रोक के कारण कंपनी को पिछले 120 दिनों में प्रतिदिन करीब 1 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

इससे पहले कंपनी "7 years old blended" जैसे दावों को लेबल से हटाने पर सहमत हो चुकी है. अदालत ने यह भी कहा था कि पुराने लेबल पर डिस्क्लेमर का फॉन्ट इतना छोटा था कि आम उपभोक्ता उसे आसानी से पढ़ नहीं सकता था.

अब हाईकोर्ट ने राज्य आबकारी विभाग को संशोधित लेबल की जल्द समीक्षा करने का निर्देश दिया है. वहीं FSSAI ने नए पैकेजिंग प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी.

अन्य बड़े ब्रांड भी आए FSSAI के निशाने पर

Old Monk अकेला ब्रांड नहीं है जिस पर FSSAI ने कार्रवाई की है. इससे पहले McDowell's No. 1 Rum, Royal Challenge Whisky, Antiquity Blue Whisky, Bagpiper Deluxe Whisky और Old Cask Deluxe XXX Rum के कुछ वेरिएंट्स पर भी नियामक ने आपत्तियां जताई थीं.

इसी बीच United Spirits और उसकी पैरेंट कंपनी Diageo ने FSSAI के निर्देशों का पालन करने पर सहमति जताते हुए अपनी कानूनी चुनौती वापस ले ली है. अब कई कंपनियां पैकेजिंग में बदलाव करने या विवादित फ्लेवरिंग एजेंट हटाने की दिशा में काम कर रही हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 05, 2026 12:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).