Odisha News: ओडिशा में हैरान करने वाला मामला, जिसे मृत मानकर परिवार ने किया अंतिम संस्कार, एक महीने बाद जिंदा घर लौटा शख्स!
ओडिशा के ढेंकानाल जिले में एक व्यक्ति को मृत मानकर उसके परिवार ने अंतिम संस्कार और अंतिम क्रियाएं संपन्न कर दी थीं. लापता होने के एक महीने बाद वह जीवित घर लौट आया, जिसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया है.
Odisha News: ओडिशा के ढेंकानाल जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने जिस व्यक्ति को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह घटना के लगभग एक महीने बाद सही-सलामत अपने घर लौट आया है. इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
लापता होने के बाद मिला था सड़ा-गला शव
जानकारी के मुताबिक, ढेंकानाल निवासी 29 वर्षीय सनातन नायक मानसिक रूप से अस्वस्थ थे. वह 27 जुलाई को अपनी साइकिल लेकर घर से निकले थे, जिसके बाद वापस नहीं लौटे. परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.
लगभग 10 दिन बाद स्थानीय पुलिस को पास के ही एक धान के खेत से एक अज्ञात युवक का सड़ा-गला शव मिला, जो काफी समय तक पानी में डूबा रहा था. पुलिस ने घटना की सूचना सनातन के परिजनों को दी, लेकिन जब तक वे मौके पर पहुंचे, तब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका था.
कपड़ों के आधार पर की गई थी पहचान
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को जब शव दिखाया गया, तो शव की स्थिति बहुत खराब थी. परिजनों ने उस पर मौजूद कपड़ों के आधार पर उसे सनातन नायक का शव समझ लिया. इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया.
परिवार ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया और 'शुद्धिक्रिया' सहित शोक की सभी रस्में पूरी कर लीं. सनातन की पत्नी ने भी विधवा के रूप में की जाने वाली रस्मों को निभाना शुरू कर दिया था.
एक महीने बाद पुलिस ने दी जीवित होने की सूचना
शोक मना रहे परिवार के लिए स्थिति तब पूरी तरह बदल गई, जब पुलिस ने उन्हें सूचना दी कि सनातन नायक जीवित हैं. जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत बताए गए स्थान पर पहुंचे और सनातन को सुरक्षित घर ले आए. सनातन की सकुशल वापसी से परिवार में राहत और खुशी का माहौल है, लेकिन इस मोड़ ने सभी को चौंका दिया है.
सनातन की मां मंजू नायक ने बताया कि उनका बेटा 27 जुलाई को घर से निकला था. शुरुआत में उन्हें लगा कि वह किसी रिश्तेदार के घर गया होगा, लेकिन कई दिनों तक न लौटने पर तलाश शुरू की गई. बाद में खेत में मिले शव के कपड़ों को देखकर उन्होंने उसे अपना बेटा मान लिया था.
प्रशासन के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल
इस घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह आखिर किसका था?
फिलहाल इस मामले में स्थानीय पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. धान के खेत से बरामद अज्ञात शव की वास्तविक पहचान अभी भी एक पहेली बनी हुई है और गलत पहचान के कारणों की जांच की जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 02, 2026 02:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

