Noida School Closed: दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में शीतलहर और घने कोहरे का प्रकोप जारी है. इसे देखते हुए गौतम बुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों को 17 जनवरी 2026 तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं. यह आदेश जिले के सभी बोर्डों (CBSE, ICSE, IB और यूपी बोर्ड) के स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा.
लगातार बढ़ती ठंड के कारण लिया गया निर्णय
पिछले कुछ दिनों से नोएडा और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. सुबह के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम रह रही है, जिससे स्कूली वाहनों और छोटे बच्चों को आने-जाने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था. पहले यह अवकाश 15 जनवरी तक था, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए इसे अब बढ़ा दिया गया है. यह भी पढ़े: UP School Closed: यूपी में बढ़ती ठंड और भीषण शीतलहर का कहर, प्रदेश के सभी 12वीं तक के स्कूल 1 जनवरी तक बंद
जिलाधिकारी के निर्देश और सख्त अनुपालन
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में लिया गया है. आदेश में कहा गया है कि यदि कोई स्कूल इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, स्कूल के शिक्षकों और अन्य स्टाफ को प्रशासनिक कार्यों के लिए निर्धारित समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं, लेकिन छात्रों के लिए भौतिक कक्षाएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी.
अभिभावकों और छात्रों की स्थिति
आज सुबह जब यह आदेश जारी हुआ, तब तक कई छात्र स्कूलों के लिए निकल चुके थे या स्कूल पहुंच गए थे. इसे लेकर अभिभावकों ने सोशल मीडिया पर थोड़ी नाराजगी भी जाहिर की कि आदेश समय रहते (कल रात) जारी किया जाना चाहिए था. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में कोहरा और अधिक घना हो सकता है, इसलिए घर से बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
मौसम का मिजाज और आगामी पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 18 जनवरी से तापमान में मामूली सुधार की संभावना है. तब तक 'येलो अलर्ट' जारी रहेगा. नोएडा के साथ-साथ गाजियाबाद में भी इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए गए हैं, जबकि दिल्ली के स्कूलों को लेकर शिक्षा निदेशालय अलग से स्थिति की समीक्षा कर रहा है.













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