Noida Fire Video: ईवी चार्जिंग के दौरान लगी भीषण आग, अस्थाई लकड़ी के पुल से बचाई गई 50 परिवारों की जान; दो की मौत, मकान मालिक हिरासत में

उत्तर प्रदेश के नोएडा में बुधवार को एक रिहायशी इमारत की पार्किंग में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग के दौरान लगी भीषण आग से दो लोगों की मौत हो गई. दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए इमारत की ऊपरी मंजिल से बगल की इमारत तक लकड़ी का अस्थाई पुल बनाकर करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला.

नोएडा: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के दिल्ली (Delhi) से सटे औद्योगिक शहर नोएडा (Noida) के मामूरा गांव में बुधवार, 15 जुलाई 2026 को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां एक पांच मंजिला (G+4) रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग के कारण धुएं से दम घुटने से दो लोगों की दुखद मौत हो गई. प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने की वजह भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर बने पार्किंग एरिया में एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को चार्ज करना बताया जा रहा है. आग ने देखते ही देखते पार्किंग में खड़े अन्य पेट्रोल वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरी इमारत में घना और जहरीला धुआं फैल गया। घटना के बाद बड़े पैमाने पर चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल विभाग ने सूझबूझ का परिचय देते हुए करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. यह भी पढ़ें: Education Ministry office Fire Video: दिल्ली के विकास मार्ग पर स्थित शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में लगी आग, काबू पाने में जुटी दमकल की टीमें

रेस्क्यू के लिए बनाया गया अस्थाई लकड़ी का पुल; वीडियो वायरल

हादसे के दौरान जब जहरीला और गाढ़ा धुआं पूरी इमारत में भर गया, तो अंदर फंसे लोगों के लिए सीढ़ियों के रास्ते नीचे उतरना असंभव हो गया. ऐसी स्थिति में आपातकालीन बचावकर्मियों (Emergency Responders) और स्थानीय लोगों ने सूझबूझ की मिसाल पेश की.

घटना के सामने आए विजुअल्स में देखा जा सकता है कि प्रभावित इमारत की पांचवीं मंजिल (छत) से बगल की एक अन्य इमारत की छत को जोड़ने के लिए लकड़ी के लट्ठों से एक अस्थाई पुल (Temporary Wooden Bridge) तैयार किया गया। इस खतरनाक लेकिन जीवन रक्षक पुल के सहारे रेंगते और चलते हुए दर्जनों निवासियों को सुरक्षित पड़ोसी इमारत में पहुंचाया गया, जबकि दमकलकर्मी नीचे से भी हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से लोगों को निकालने में जुटे रहे.

नोएडा में लगी आग से बचने के लिए निवासी लकड़ी के अस्थायी पुल से गुजरे 

ईवी चार्जिंग के दौरान उठी चिंगारी बनी हादसे की वजह

गौतम बुद्ध नगर के संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint CP) राजीव नारायण ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि ग्राउंड फ्लोर की पार्किंग में जब एक इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज किया जा रहा था, तभी उसमें कोई शॉर्ट सर्किट या चिंगारी उठी.

इसके बाद आग तुरंत पास खड़ी पेट्रोल कारों और दोपहिया वाहनों में फैल गई. संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा:

"मामूरा गांव में आग लगने की सूचना मिलते ही फेज-3 थाना पुलिस और फायर सर्विसेज की टीमें सबसे कम समय में मौके पर पहुंचीं. हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, रेस्क्यू व्हीकल और 7 दमकल गाड़ियों (Fire Tenders) को काम पर लगाया गया. इमारत में करीब 50 परिवार रहते थे, जिनमें से प्रत्येक मंजिल पर 5 परिवारों के हिसाब से लगभग 12 कमरों के फ्लैट्स बने हुए थे."

उन्होंने आगे बताया कि धुएं के कारण दो लोगों की तबीयत बेहद बिगड़ गई थी, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल शिफ्ट किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

मकान मालिक और पट्टेदार (लीज़होल्डर) हिरासत में; FIR दर्ज

पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनन कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. जेसीपी राजीव नारायण ने पुष्टि की है कि इस लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर फेज-3 पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जा रही है.

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित इमारत के वास्तविक मालिक और उस पूरी बिल्डिंग को लीज पर लेकर संचालित करने वाले पट्टेदार (Leaseholder) को हिरासत में ले लिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के बाद ही आग के सटीक कारणों और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का पूरा खुलासा हो सकेगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान; राहत के निर्देश

नोएडा के इस भीषण अग्निकांड का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने जिले के आला अधिकारियों को मौके पर रहकर बचाव और राहत कार्यों की सीधे निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए हैं.

उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया है कि धुएं से प्रभावित या आंशिक रूप से घायल हुए सभी नागरिकों को बिना किसी देरी के सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार (Medical Treatment) उपलब्ध कराया जाए और प्रभावित परिवारों को तत्काल हर संभव सरकारी सहायता पहुंचाई जाए. फिलहाल, दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इस बहुमंजिला इमारत में अनिवार्य फायर सेफ्टी उपकरण और बिजली का बुनियादी ढांचा नियमों के अनुरूप था या नहीं.

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