देश

Satellite Based Toll Tax System: नितिन गडकरी की बड़ी घोषणा, अब टोल नाकों पर नहीं पड़ेगा रुकना, सैटेलाइट आधारित नई टोल व्यवस्था जल्द ही होगी लागू

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को मुंबई दौरे के दौरान एक अहम घोषणा की. मुंबई के दादर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अब देशभर में टोल नाकों पर वाहनों को रुकने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके लिए जल्द ही उपग्रह आधारित टोल टैक्स प्रणाली लागू की जाएगी,

Satellite Based Toll Tax System: नितिन गडकरी की बड़ी घोषणा, अब टोल नाकों पर नहीं पड़ेगा रुकना, सैटेलाइट आधारित नई टोल व्यवस्था जल्द ही होगी लागू
(Photo Credits ANI)

Satellite Based Toll Tax System:  केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को मुंबई दौरे के दौरान एक अहम घोषणा की. मुंबई के दादर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अब देशभर में टोल नाकों पर वाहनों को रुकने की आवश्यकता नहीं होगी. इसके लिए जल्द ही उपग्रह आधारित टोल टैक्स प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे वाहन बिना रुके अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.

टोल को  लेकर नितिन गडकरी की बड़ी घोषणा

गडकरी ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत अब “जितना सफर, उतना ही टोल टैक्स” देना होगा. यह प्रणाली अगले 15 दिनों में लागू की जाएगी. इसके अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा निर्धारित मार्गों पर जितने किलोमीटर वाहन चलेगा, उतना ही टोल वसूला जाएगा. इससे यात्रियों को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिलेगी. यह भी पढ़े: Toll Tax Hike: एक साल में दूसरी बढ़ा टोल टैक्स, हल्के वाहनों को 5 से 10 रुपये तो भारी गाड़ियों के लिए 25 रुपये तक की बढ़त

गडकरी ने इससे पहले संसद में भी इस प्रणाली का उल्लेख किया था और कहा था कि सरकार टोल सिस्टम को अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाना चाहती है, साथ ही देश के सड़क ढांचे को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है.

इसके अलावा, गडकरी ने जल परिवहन के विकास पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि भविष्य में भारत को जलमार्गों के निर्माण की दिशा में तेजी से काम करना होगा और इसके तहत 108 नए जलमार्गों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

टोल कलेक्शन में बढ़ोतरी

टोल संग्रह के आंकड़ों की बात करें तो हाल के वर्षों में इसमें उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है. वित्त वर्ष 2023-24 में टोल से 64,809.86 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 35% अधिक है। वर्ष 2019-20 में यह आंकड़ा 27,503 करोड़ रुपये था, जिससे स्पष्ट होता है कि देश में टोल प्रणाली का दायरा और योगदान तेजी से बढ़ रहा है।

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2025 08:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).