Disha Salian Death Case: 'न कभी मिला, न जानता हूं'; दिशा सालियान मामले में CBI की नई FIR पर बोले आदित्य ठाकरे
दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा नई प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद शिवसेना नेता और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और न ही उन्हें जानते थे.
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मुंबई: वर्ष 2020 में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान (Disha Salian) की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा नई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू किए जाने के बाद शिवसेना (UBT) के युवा नेता आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) का पहला औपचारिक बयान सामने आया है.
आदित्य ठाकरे ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए दिशा सालियान के साथ किसी भी प्रकार के परिचय या संबंध से पूरी तरह इनकार किया है. उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों से एक राजनीतिक दुर्भावना के तहत बिना किसी सबूत के उनका नाम इस दुखद घटना से जोड़कर उनके चरित्र हनन का प्रयास किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Disha Salian Death Case: दिशा सालियन मौत मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, CBI को FIR दर्ज कर जांच करने के दिए निर्देश
'शोर को परे रख तथ्यों पर बात करें': आदित्य ठाकरे का बयान
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, आदित्य ठाकरे ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दो टूक लिखा:
"शोर को किनारे करते हुए आइए एक बार फिर तथ्यों पर बात करते हैं: मैं दिशा सालियान से कभी नहीं मिला और न ही मेरा उनसे कोई परिचय था. लगभग 6 वर्षों से स्पष्ट राजनीतिक और व्यक्तिगत उद्देश्यों से कुछ लोगों द्वारा बिना किसी सबूत के इस दुखद मामले में मेरा नाम घसीटना मेरे चरित्र हनन का सुनियोजित प्रयास है. राजनीतिक लाभ के लिए दुर्भावनापूर्ण ध्यान भटकाने और चरित्र हनन की कोशिशों के बिना आधिकारिक पुनर्परीक्षण/जांच को आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए."
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने दर्ज की एफआईआर
The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुंबई पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए थे. अदालत ने पाया कि छह साल बीत जाने के बाद भी केवल आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज रही और परिवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तक नहीं दी गई थी.
- उच्च न्यायालय द्वारा मुंबई पुलिस की जांच में 'गंभीर विसंगतियां' पाए जाने के बाद मामले की कमान सीबीआई को सौंप दी गई.
- सीबीआई ने सतीश सालियान के विस्तृत बयान को आधार बनाते हुए आपराधिक साजिश, हत्या, साक्ष्यों को छिपाने और नष्ट करने तथा गलत नैरेटिव फैलाने के आरोपों में केस दर्ज किया है.
- इस जांच की निगरानी सीबीआई के विशेष अपराध प्रकोष्ठ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SP) सीमा पाहुजा कर रही हैं.
FIR में नाम लेकिन कोई 'आरोपी' नहीं: कानूनी स्थिति समझें
India Today की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईआर में दर्ज नामों को लेकर कानूनी स्थिति बेहद स्पष्ट है:
- जांच के दायरे में भूमिका: शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर एफआईआर में उन व्यक्तियों का उल्लेख किया गया है जिनकी भूमिका की जांच होनी आवश्यक है. इनमें आदित्य ठाकरे, उनके सुरक्षा गार्ड्स, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रोहन राय, रिया चक्रवर्ती और पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे व परमबीर सिंह शामिल हैं.
- कोई औपचारिक आरोपी नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट निर्देश दिया था कि एजेंसी तब तक किसी भी व्यक्ति को औपचारिक रूप से 'अभियुक्त' (आरोपी) नहीं बनाएगी, जब तक कि जांच में पुख्ता और पर्याप्त साक्ष्य सामने न आ जाएं. सीबीआई ने भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी को आरोपी का दर्जा नहीं दिया गया है.
2020 की घटना और राजनीतिक घमासान
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित गैलेक्सी बिल्डिंग की 12वीं मंजिल से गिरकर हुई थी. इसके ठीक छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे. पूर्व में मुंबई पुलिस और राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्राथमिक जांच में किसी साजिश से इनकार किया था.
सीबीआई की इस ताजा कार्रवाई के बाद महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि ठाकरे परिवार को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए पुराने मामलों को नए सिरे से हवा दी जा रही है, जबकि सत्ता पक्ष ने निष्पक्ष जांच की पैरवी की है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 16, 2026 07:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

