NEET UG 2026: महाराष्ट्र में नीट अभ्यर्थी ने कुएं में कूदकर की खुदकुशी, कदम उठाने से पहले मां के लिए रिकॉर्ड किया भावुक वीडियो
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में 18 वर्षीय एक नीट अभ्यर्थी ने कथित तौर पर कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली. आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले छात्र ने अपनी मां के लिए एक बेहद भावुक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपनी मानसिक पीड़ा बयां करते हुए माफी मांगी है.
हिंगोली: महाराष्ट्र (Maharashtra) के हिंगोली (Hingoli) जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहां राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की तैयारी कर रहे एक 18 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर एक कुएं में कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. मृतक छात्र की पहचान सुशील धागे के रूप में हुई है. आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले सुशील ने अपने मोबाइल फोन से अपनी मां के लिए एक बेहद भावुक वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया था, जिसे उसने अपने परिवार को भेजा. पुलिस मामले की जांच कर रही है. यह भी पढ़ें: Delhi Suicide Case: दिल्ली के नांगलोई में महिला ने की आत्महत्या, आखिरी वीडियो में ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का लगाया आरोप
'अगले जन्म में फिर तुम्हारी कोख से जन्म लूंगा'— आखिरी वीडियो संदेश
सुशील द्वारा रिकॉर्ड किया गया 33 सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसमें वह हाथ जोड़कर अपनी मां से रोते हुए माफी मांगता नजर आ रहा है. वीडियो में उसने कहा:
"मम्मी, आज मैं अपनी जान देने जा रहा हूं. मम्मी, तुम बिल्कुल भी चिंता मत करना. अगले जन्म में, मैं फिर से तुम्हारी ही कोख से जन्म लूंगा और तुम्हें इस तरह का दुख कभी नहीं दूंगा. बस मुझे माफ कर देना, मम्मी। सुमेध के साथ रहना। अपना अच्छे से ख्याल रखना और मेरी चिंता मत करना. मैं बहुत गहरी मानसिक पीड़ा में हूं... मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं... मुझे अब कुछ समझ नहीं आ रहा है. बस मुझे माफ कर देना, मम्मी।"
यह संदेश भेजने के तुरंत बाद छात्र ने कुएं में कूदकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है.
महाराष्ट्र में NEET की तैयारी कर रहे छात्र ने आत्महत्या की
नीट परीक्षा निरस्त होने और दोबारा आयोजन की पृष्ठभूमि
मृतक छात्र सुशील धागे ने हाल ही में 21 जून 2026 को आयोजित हुई नीट (यूजी) की पुनरीक्षा (Re-examination) दी थी. इससे पहले 3 मई को आयोजित हुई मूल चिकित्सा प्रवेश परीक्षा को देशव्यापी स्तर पर प्रश्नपत्र लीक (Paper Leak) के गंभीर आरोपों के बाद 12 मई को निरस्त कर दिया गया था.
इस पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है, जिसने इस पूरे रैकेट के मुख्य साजिशकर्ता (Kingpin) को गिरफ्तार किया है, जो पुणे का एक केमिस्ट्री लेक्चरर बताया जा रहा है. मूल परीक्षा रद्द होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें सुशील शामिल हुआ था.
प्रवेश परीक्षाओं का दबाव और छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) भारत की सबसे बड़ी और कठिन प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक है. देश भर में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की लगभग 1,00,000 स्नातक सीटों के लिए हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के अत्यधिक दबाव, पेपर लीक जैसी अनिश्चितताओं और भविष्य को लेकर उपजी गंभीर एंग्जायटी के कारण छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. सामाजिक कार्यकर्ताओं और मनोवैज्ञानिकों ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के तनाव की स्थिति में परामर्शदाताओं और हेल्पलाइन नंबरों की मदद लें.
मानसिक स्वास्थ्य सहायता (हेल्पलाइन): यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी तरह के मानसिक तनाव, डिप्रेशन या संकट से गुजर रहा है, तो कृपया नीचे दिए गए हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करें. सहायता हर समय उपलब्ध है:
- टेली मानस (स्वास्थ्य मंत्रालय): 14416 या 1800 891 4416
- निमहंस (NIMHANS): 080-46110007
- वंद्रेवाला फाउंडेशन: 9999 666 555
- iCALL: 022-25521111 और 9152987821