Relief for Mumbaikars: मुंबईकरों के लिए बड़ी राहत, सात झीलों का कुल जल स्तर बढ़कर 97.48% हुआ
मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों का कुल जल स्तर बढ़कर 97.48 प्रतिशत तक पहुंच गया है. जल निकायों में पर्याप्त भंडारण के बाद शहर पर मंडरा रहा जल संकट पूरी तरह समाप्त हो गया है.
Relief for Mumbaikars: मानसूनी बारिश के चलते मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाले जलाशयों के जल स्तर में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, शहर को पानी देने वाली सभी सात प्रमुख झीलों का कुल जल स्तर बढ़कर 97.48 प्रतिशत तक पहुंच गया है. इस बढ़ोतरी के बाद आने वाले महीनों के लिए मुंबई में जल आपूर्ति सुचारू रहने की उम्मीद है, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिली है.
जलाशयों में पानी का कुल भंडारण
बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 14 सितंबर की सुबह तक शहर की सात झीलों में कुल 14,10,895 मिलियन लीटर पानी का संग्रह हो चुका है. मुंबई की कुल वार्षिक जल भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है. यह भी पढ़े: मुंबई झीलों का जल स्तर आज: 12 सितंबर तक मायानगरी की झीलों में जमा हुआ 96.29% पानी, फिर भी लो प्रेशर से परेशान मुंबईकर
वर्तमान में उपलब्ध जल स्टॉक शहर की लगभग पूरे साल की पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है.
झीलों की वर्तमान स्थिति
मुंबई को पानी देने वाले सात जलाशयों में से तुलसी और विहार झीलें पूरी तरह (100%) भर चुकी हैं.
-
भातसा: सबसे बड़े जलाशय भातसा में जल स्तर 99.27% तक पहुंच चुका है.
-
तानसा और मिडिल वैतरणा: तानसा में 98.69% और मिडिल वैतरणा में 96.92% जल संग्रहण दर्ज किया गया है.
-
मोडक सागर और अपर वैतरणा: मोडक सागर में 93.82% तथा अपर वैतरणा में 93.20% जल स्तर रिकॉर्ड किया गया है.
जल संकट खत्म, बीएमसी की समीक्षा
बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में लगातार हुई वर्षा से जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ी है. इस बेहतर स्थिति को देखते हुए नागरिकों को आगामी महीनों में पानी की कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा. बीएमसी प्रशासन समय-समय पर जल स्तर की समीक्षा करता रहता है ताकि आपूर्ति प्रबंधन को संतुलित रखा जा सके.